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महात्मा गांधी की हत्या के सबंध में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सरकारी विज्ञप्ति और किताबों का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी पर राजनीति के तहत आरोप लगाए गए हैं.

इस मामले पर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 4 फरवरी 1948 की एक सरकारी विज्ञप्ति का हवाला देते हुए कहा कि स विज्ञप्ति ने संघ को खतरनाक कामों लिप्त बताया गया था. कपिल सिब्बल ने मुताबिक विज्ञप्ति ने लिखा था, ‘देश के कई हिस्सों में संघ के सदस्य हिंसा, डकैती और मर्डर जैसे कामों में लिप्त थे.

कपिल सिब्बल ने श्याम चंद की लिखी किताब ‘सैफरन फासिज्म’ के हवाले से भारत के तत्कालीन पीएम नेहरू के एक खत का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरदार पटेल को लिखे इस खत में नेहरू ने गांधी की हत्या को संघ के व्यापक अभियान का हिस्सा बताया था. सिब्बल ने पूछा कि संघ ऐसी किताबों के खिलाफ क्यों नहीं केस दर्ज कराता?

सिब्बल के मुताबिक सरदार पटेल ने नेहरू के खत का जवाब देते हुए संघ को हिंदू महासभा का एक कट्टर दक्षिणपंथी संगठन कहा था, जो सावरकर के नेतृत्व में काम करता था. कपिल सिब्बल के मुताबिक गोपाल गोडसे ने खुद कहा था कि उनके सारे भाई संघ में थे.

सिब्बल ने कहा कि सरदार पटेल की विरासत संभालने का दावा करने वाले लाल कृष्ण आडवाणी ने नाथूराम गोडसे के संघ से लिंक को खारिज किया था लेकिन खुद गोपाल गोडसे ने संघ से जुड़े होने की बात कही थी


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