नई दिल्ली | दिल्ली में बीजेपी के लिए कुछ भी सही नही हो रहा है. पहले बवाना में हुए विधानसभा उपचुनाव में पार्टी को करारी हार झेलनी पड़ी. इसके बाद JNU में हुए छात्र संघ चुनावो में भी बीजेपी की छात्र शाखा ABVP की करारी हार हुई. लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के चुनावो में ABVP को पूरी उम्मीद थी की वो अपने पिछले प्रदर्शन को दोहरा पाएगी. लेकिन चुनाव परिणामो ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

बुधवार को आये चुनाव परिणामो ने कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI को नई संजीवनी बूटी देने के काम किया. NSUI ने DU के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर ABVP को पठकनी देते हुए जोरदार वापसी की. करीब चार साल तक यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष पद पर काबिज रही ABVP केवल सेक्रेट्री और जॉइंट सेक्रेट्री की सीट जीतने में कामयाब रही. फ़िलहाल इस जीत से उत्साहित NSUI के छात्र , यूनिवर्सिटी कैंपस में जश्न मना रहे है.

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बुधवार को किंग्सवे कैंप के पास एक सामुदायिक सभागार में दिल्ली विश्विद्यालय छात्र संघ चुनावों (DUSU) के मतों की गिनती शुरू हुई. शुरुआत से ही NSUI ने चार सीटो में से तीन सीटो पर बढ़त बना ली. करीब आधे राउंड की गिनती के बाद यह स्पष्ट हो गया था की NSUI की DU में वापसी हो रही है. अंत में आये परिणामो में NSUI के रॉकी तूशीद ने ABVP के रजत चौधरी को मात दी. इस पद के लिए 24 छात्र मैदान में थे.

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मंगलवार को छात्र संघ चुनावो के लिए मतदान हुआ. कुल 1.32 लाख छात्रों ने वोट डाला. इस बार चुनाव के लिए 40 मॉर्निंग कॉलेजों में ईवीएम लगाए गए थे. उधर NSUI की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए इस जीत को एतिहासिक करार दिया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा की बोले की लब आजाद है. राष्ट्रवाद के नाम पर गुंडागर्दी को लोगो को नकार दिया.


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