लखनऊ। उत्तरप्रदेश विधानसभा में मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर एक निजी न्यूज चैनल के पत्रकारों की आज पेशी होनी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के कारण उनकी सुनवाई पर रोक लग गई। सुप्रीम कोर्ट के मामले में दखल देने से विधानसभा सदस्य नाखुश हैं और एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विधानसभा स्पीकर माता प्रसाद पांडे ने कहा कि इसके बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस मामले पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, स्वामी प्रसाद मोर्या ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्रवाई में सुप्रीम कोर्ट को रोक नहीं लगानी चाहिए।

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वहीं सपा के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने भी इस मामले को लेकर विधानसभा के अंदर बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला बहुत बड़ा है। अगर इस मामले में मेरे खिलाफ कुछ निकलता तो मेरा राजनीतिक जीवन खत्म हो जाता।

आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय जो भी फैसला लेता है उसे मानना हमारी मजबूरी है। अभी ताजा मामला जेएनयू का है।

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आजम खान ने आगे कहा कि मुजफ्फरनगर की घटना में मै जरा सा भी हिस्सेदार होता तो मुझे मर जाना चाहिए था, मेरे परिवार को जिंदा रहने का कोई अधिकार नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि सदन ने मेरी बात मानी इसको लेकर धन्यवाद देता हूं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला मजबूरी है मेरी, आजम खान ने कहा, मुझे खुशी है कि सदन के लोगों ने पूरा सहयोग किया। (indiavoice)

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English Summary

After the supreme court interference member of Legislative Assembly are unhappy they have called for a Party meeting.


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