नई दिल्ली | दो राज्यों के विधानसभा और एमसीडी इलेक्शन में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी के गृह नक्षत्र ठीक नही चल रहे है. पहले पार्टी में कलह और बाद में कपिल मिश्रा की बगावत से अभी पार्टी उभर भी नहीं पायी थी की दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उनके एक विधायक पर दंगा फैलाने के आरोप में मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है. पिछले दो साल में आप के करीब दर्जन भर विधायक विभिन्न आरोपों में जेल जा चुके है.

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साल 2015 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान संजीव राणा नामक व्यक्ति ने गुलाबी बाग़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी की ‘आप’ उम्मीदवार सोमदत और उनके करीब 50 समर्थको ने उनके साथ मारपीट की. इस दौरान उनको बेस बॉल बैट से पीटा गया. इसके बाद वो और उनके समर्थक मेरे घर में घुस गए और मेरे परिवार के सदस्यों से मारपीट की. संजीव का आरोप था की वो सोमदत को अपने घर के सामने प्रचार करने से रोक रहे थे.

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संजीव राणा की शिकायत पर सुनवाई करते हुए तीस हजारी कोर्ट की मेट्रोपोलिटन मेजिस्ट्रेट रूबी नीरज कुमार ने सोमदत के खिलाफ ,गलत ढंग से रोक कर रखना (341), दंगा करना(147), गैरकानूनी रूप से एक जगह जमा होना (149) और जानबूझकर गंभीर रूप से चोट पहुंचाने (325) से जुड़ी आईपीसी धाराओं के तहत आरोप तय किए. कोर्ट के आदेश के बाद सोमदत के खिलाफ इन धाराओ के तहत मुकदमा चलाया जाएगा.

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हालाँकि सोमदत ने सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा की वो मुकदमा का सामना करने के लिए तैयार है. बताते चले की अगर सोमदत दोषी पाए जाते है तो उनको अधिकतम सात साल की सजा सुनवाई जा सकती है. मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी. इस दौरान संजीव राणा को पहले गवाह के तौर पर हजारी रहने के लिए समन भेजा गया है.


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