नई दिल्ली | कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी छुट्टियों से लौट आये है. वापिस आते ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करना शुरू कर दिया. दिल्ली में एक कार्यकर्म में बोलते हुए उन्होंने मोदी पर अपनी नाकामियों के पीछे छिपने का आरोप लगाया. यही नही राहुल गाँधी ने मोदी द्वारा शुरू की गयी कई योजनाओं का मजाक भी उड़ाया.

दिल्ली में आयजित जनवेदना सम्मलेन में बोलते हुए राहुल गाँधी ने कहा की नोट बंदी की वजह से इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री का मजाक उड़ा है. वो देश की किसी भी संवैधानिक संस्था का सम्मान नही करते. उन्होंने सभी संस्थाओ को कमजोर किया है. उनकी वजह से आरबीआई गवर्नर के पद का भी मजाक उड़ा है. हमने 70 साल इन संस्थाओ का सम्मान किया लेकिन मोदी जी ने ढाई साल में सब बंद कर दिया.

राहुल गाँधी ने आगे कहा की आरएसएस और बीजेपी के लोगो का मानना है की लोकतंत्र में किसी के भी विचार मायने नही रखते. वो कहते है की, तुम लोग कौन हो? यह देश अब केवल नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत चलाएंगे. लेकिन हम ऐसा नही होने देंगे. हम हिंदुस्तान की आवाज को बचाकर रखेंगे. इस देश की संवैधानिक संस्थाओ को बचाकर रखेंगे.

राहुल गाँधी ने नोट बंदी पर पीएम मोदी को घेरते हुए कहा की यह उनका निजी फैसला था. अब वो अपनी नाकामियों के पीछे छिपने की कोशिश कर रहे है. उनको सोचना चाहिए की आखिर लोग गाँव की और क्यों वापिस लौटने लगे, आखिर क्यों एक दम से मनरेगा की मांग बढ़ने लगी, क्यों ऑटो सेल्स घट गए? हम जिस बदलाव की बात करते है यह वो नही है. मैं मोदी जी से कहना चाहूँगा की कुछ दिन गरीबो और किसानो के साथ भी बिताये.

राहुल गाँधी ने मोदी की विभिन्न योजनाओ का मजाक उड़ाते हुए कहा की ढाई साल पहले उन्होंने लोगो को झाड़ू पकडाई और कहा सफाई करो. फैशन था तो तीन चार दिन में बंद हो गया. इसके बाद मेक इन इंडिया, कनेक्ट इंडिया , स्टार्टअप इंडिया , स्किल इंडिया और बाद में थोडा योगा वो भी इंडिया गेट पर. मोदी जी यह जानते थे की स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया के पीछे नही छिप सकते इसलिए नोट बंदी लाये. यह तो मात्र एक बहाना था.

राहुल गाँधी ने मीडिया पर बोलते हुए कहा की मनमोहन सिंह जी के समय मीडिया को बोलने की आजादी थी लेकिन अब मीडिया दबाव में है. मीडिया के कुछ दोस्त मेरे पास आते है और कहते है की हम बहुत कुछ कहना चाहते है लेकिन कह नही सकते. अब देश के अच्छे दिन 2019 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद ही आयेंगे.


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