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नई दिल्ली | मोदी सरकार के NDTV को एक दिन के लिए ऑफ एयर करने के फैसले पर , चैनल सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुँच गया है. NDTV का मानना है की मोदी सरकार का उन पर लगाया गया प्रतिबंध, गैर क़ानूनी और असंवैधानिक है. हालांकि केंद्र सरकार के फैसले का चौतरफा विरोध हो रहा है लेकिन सरकार ने अपने फैसले को वापिस लेने से इनकार कर दिया है.

सोमवार को NDTV ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की. NDTV ने अपनी अपील में कहा की सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पठानकोट हमले के दौरान उनके कवरेज को राष्ट्रिय सुरक्षा से खिलवाड़ माना. जबकि उनकी कवरेज काफी संतुलित थी. हमने केवल वो ही अपने दर्शको को दिखाया जो बाकी चैनल और प्रिंट मीडिया में दिखाया जा रहा था और जो सार्वजानिक था.

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NDTV ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में हस्तक्षेप करने और उनके ऊपर लगे एक दिन के बैन को हटाने का आग्रह किया. NDTV ने कहा की केंद्र सरकार का उनके पर बैन लगाना गैर क़ानूनी और असंवेधानिक है. मालूम हो की सूचना प्रसारण मंत्रालय की अंतरिम समिति ने पठानकोट हमले के दौरान , NDTV की कवरेज को असंवेदनशील मानते हुए कहा की NDTV के कवरेज की वजह से आतंकी हैंडलर को संवेदनशील जानकारी मिल सकती थी.

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सूचना प्रसारण मंत्रालय ने NDTV की कवरेज को राष्ट्रिय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए , चैनल को एक दिन के लिए ऑफ एयर करने का आदेश दिया. 9 नवम्बर को NDTV एक दिन के लिए ऑफ एयर हो जाएगा. केंद्र सरकार के इस फैसले को , कुछ राजनितिक दलों और एडिटर्स गिल्ड ने आपातकाल के साथ जोड़ा है. विपक्ष ने इसे आपातकाल जैसे हालात बताते हुए कहा की मीडिया की स्वतंत्रता पर आघात नही होना चाहिए.

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