श्रीनगर : जम्मू- कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन में कई दिनों से सरकार बनाने की माथापच्ची चल रही है। जम्मू-कश्मीर में जब बीजेपी और पीडीपी की सरकार बनी तो कई मुद्दों पर बीजेपी को नरम रुख अपनाना पड़ा था। कई लोग इस बात को लेकर चकित थे कि जम्मू के अलगाववादियों का कई मौकों पर समर्थन करने वाली पीडीपी के साथ बीजेपी जैसी पार्टी जो खुद को राष्ट्रवादी कहती आई है कैसे समर्थन कर सकती है।
मुश्किल में BJP, कश्मीरी छात्रों पर कार्रवाई हुई तो PDP से गठबंधन पड़ जायेगा खतरे में
सूत्रों की माने तो पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने उनसे बात कर रहे बीजेपी  नेताओ को साफ़ कह दिया है कि दिल्ली पुलिस द्वारा कश्मीरी छात्रों के बारे में जांच करने की उसकी रिपोर्ट पर उन्हें सख्त आपत्ति है। महबूबा ने कहा कि JNU छात्रों पर हुई कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
महबूबा ने साफ़ किया कि वह कश्मीर को लेकर अपने पिता के सपनो को पूरा करना चाहती हैं और जब तक बीजेपी उनके सारे मुद्दों पर सहमत नही होती है तब तक बीजेपी के साथ गठबंधन करना मुश्किल है। कुछ दिन पहले खबर आई थी कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी AFSPA हटाने को लेकर तैयार हो गई है लेकिन इस खबर के तुरंत बाद बीजेपी ने इसका खंडन कर दिया।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में अलगावादी धड़े का भी पीडीपी को हमेशा समर्थन रहा है। मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने खुद अफजल गुरु की फांसी परसवाल उठाते हुए केंद सरकार को पत्र लिखा था। जम्मू कश्मीर में चुनाव के बाद भी उन्होंने अलगावादियों का शुक्रिया अदा किया था।
वहीँ इस बात को लेकर बीजेपी पर  विपक्षी हमेशा हमला बोलते रहे हैं कि JNU में तो वह देशद्रोह के नारों की आड़ में विपक्षियों पर हमला कर रही है लेकिन जम्मू कश्मीर में उसी पार्टी के साथ सरकार बनाती है जो अफजल की फांसी को खुद गलत मानती है। (indiasamvad)

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