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भोपाल | भोपाल में सिमी कार्यकर्त्ताओ के एनकाउंटर पर सियासी एनकाउंटर शुरू हो गया है. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा की जब जेल तोड़कर कोई भागता है तो जेल से केवल सिमी के मुस्लिम कैदी ही भागते है, कोई हिन्दू कैदी क्यों नही भगा. विपक्षी पार्टियों के सवाल उठाने पर शिवराज सिंह चौहान ने इसे ओछी राजनीती बताया है.

कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सिमी कार्यकर्ताओ की फरारी और एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा की ऐसे कैसे हो सकता है की वहां से केवल मुस्लिम कैदी भागे, हिन्दू कैदी नही. एनकाउंटर के बाद उनके पास से एक चाकू मिलता है जो बिलकुल नया जैसा लगता है. मैं इस मामले पर राजनीती नही कर रहा, क्योकि मैं देश का पहला मुख्यमंत्री था जिसने सिमी पर प्रतिबंध लगाया था.

दिग्विजय सिंह ने बजरंग दल पर सिमी की सहायता लेकर दंगे कराने का आरोप लगाते हुए कहा की न तो सिमी से मेरा कोई प्रेमे है और न कोई विरोध. जैसा मैं सिमी का विरोध करता ऐसे ही मैं बजरंग दल का विरोध करता हूँ. मुझे सबूत मिले थे की बजरंग दल , सिमी की सहायता लेकर सांप्रदायिक उन्माद फैलाते है. इसलिए मैंने सिमी पर प्रतिबंध लगाया था. उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सिमी पर प्रतिबंध नही लाया था. मेरा उनसे विरोध है जो धर्म की आड़ में उन्माद फैलाते हैं उनमे ओवैसी भी शामिल है.

उधर एनकाउंटर पर उठे सवालो का जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा की पता नही राजनीती कैसी हो गयी है. उनको शहीद दिखाई नही देते . उन्हें रमाशंकर की शाहदत दिखाई नही देती. यह वो ही आतंकवादी थे जिन्होंने रतनाम में एक सुरक्षाकर्मी की हत्या की थी. यह दुर्दांत आतंकवादी थे. ये मारे गए. पता नही क्या कहर बरपाते जो बाहर निकल जाते. इनके ऊपर आसमान उठाने की कोशिश हो रहे है. लानत है ऐसी राजनीती पर और ऐसे राजनेताओ पर.


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