मुहम्मद अनस

यह किसी एक राजनीतिक दल से जुड़ा मुद्दा नहीं हैं। यह साफ तौर पर देश से जुड़ा मुद्दा है। आखिर भारतीय सेना के ऊपर किन लोगों का दबाव था कि वे फर्जी फोटो को मीडिया में दे।

2009 की तस्वीरों को 2015 की तस्वीर बताने के लिए किसने बाध्य किया? नरेंद्र मोदी ने? क्योंकि राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस से कहा था कि पीएम बांग्लादेश गए थे, उनके आने का इंतज़ार किया गया फिर उनके आने पर ये हमला हुआ।
आखिर करोड़ों देशभक्तों के साथ इस तरह का छल क्यों किया गया? क्या पंद्रह लाख खाते में, काला धन वापसी, मंहगाई में कमी आदि वादा खिलाफी कम थी जो इतना बड़ा धोखा किया गया।


नरेंद्र मोदी इस पूरे मामलें के असली दोषी हैं। तब तक, जबतक कि राष्ट्र के सामने इस पूरे मामलें की असलियत न आ जाए।
अरे, जंगे इस देश ने पहले भी लड़ी हैं। ढाका तक घुस हए थे। 2006 में तो म्यांमार में भी घुसे थे। लेकिन ऐसा छल, ऐसा असत्य पहली बार देख रहे हैं।


ऐसे सौ उग्रवादी मार गिराए गए दूसरे देश में जो अत्यंत दुर्गम भागौलिक स्थिति वाला है। टीवी वाले कह रहे हैं हमारे 160 फौजी उस पार गए थे। खरोंच तक नहीं आई। ज़मीन में उतर कर मार गिराए।
फुटेज में बार्डर पिच्चर की लड़ाई दिखाई जा रही है। एकदम वो समझ रखा है क्या जनता को। वो समझते हैं न? नहीं। चार साल है अभी तो,समझ जाएंगे।

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