नई दिल्ली,पठानकोट मामले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाक डिप्लोमेसी पर बेशक सियासी सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन संघ को कोई शिकायत नहीं है। वह मोदी की पाक डिप्लोमेसी से अब भी संतुष्ट है। हालांकि संघ पठानकोट में भारी संख्या में सैनिकों की शहादत को लेकर चिंतित जरूर है।

महाराष्ट्र के जलगांव में बुधवार से शुरू हो रही संघ परिवार की समन्वय बैठक में भाग लेने गए एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने मोदी की पाक डिप्लोमेसी पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि रणनीतिक रूप से सरकार सफल रही है।

पठानकोट की घटना को अंजाम देकर आतंकियों ने चुनौती जरूर पेश की है मगर संघ को उम्मीद है कि सरकार इसका जवाब देगी। कुशल रणनीति के तहत मोदी सरकार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और आईएसआई प्रमुख राहिल शरीफ के बीच दरार पैदा करने में सफल रही है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और आईएसआई प्रमुख की एकता भारत के लिए ज्यादा घातक होती। वहीं संघ भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच होने वाली वार्ता को दोनों देशों के रणनीतिकारों को उलझाए रखने की कवायद मानता है।

संघ को भी इस बात का अहसास है कि दोनों देशों के बीच अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि वार्ता के जरिए समस्या का समाधान हो सके।

सूत्रों के अनुसार समन्वय बैठक में पठानकोट हमला, देश की सुरक्षा, मोदी सरकार के कामकाज और वर्तमान राजनीतिक हालातों पर चर्चा होगी। आठ तारीख तक चलने वाली बैठक में सरकार और भाजपा के शीर्ष लोग भी शिरकत कर सकते हैं।

साभार अमर उजाला

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