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चेन्नई | केंद्र सरकार के NDTV को एक दिन के लिए ऑफ एयर करने के आदेश की चारो तरफ से आलोचना हो रही है. कोई इसकी तुलना इमरजेंसी से कर रहा है तो किसी ने इसे लोकतान्त्रिक सिद्धांतो की हत्या तक करार दिया. इतनी आलोचना के बाद भी केंद्र सरकार अपने फैसले पर अडिग है. इस मामले पर सफाई देते हुए केन्द्रीय मंत्री वैंकया नायडू ने इस पर हो रहे विवाद को राजनीती से प्रेरित बताया.

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चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए वैंकया नायडू ने कहा की NDTV पर बैन लगाना , राष्ट्रिय सुरक्षा से सम्बंधितत विषय है. हमने राष्ट्र की सुरक्षा को देखते हुए NDTV पर एक दिन का बैन लगाने का फैसला किया. केंद्र सरकार के आदेश के बाद , इस मुद्दे पर बेवजह विवाद पैदा किया जा रहा है. जैसे ही हमने NDTV को एक दिन के लिए बैन किया, कुछ लोगो ने केवल बिना बात विवाद पैदा करने की भावना से इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया.

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वैंकया नायडू ने कहा की पठानकोट कवरेज को लेकर NDTV पर बैन लगाने के निर्णय पर देर से हो रही आलोचना केवल आधी अधूरी सूचना पर आधारित है और राजनीती से प्रेरित है. हमारे फैसले की आलोचना करने वालो को बता दूँ की 2005 से 14 के बीच मनमोहन सरकार ने 21 टीवी चैनल को प्रतिबंधित किया था. इनमे से एक चैनल को एक महीने तक बंद रखा गया.

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एडिटर्स गिल्ड की आलोचना पर बोलते हुए वैंकया नायडू ने कहा की एडिटर्स गिल्ड एक सैधांतिक संगठन है. लेकिन एडिटर्स गिल्ड को समझना चाहिए की टीवी रेगुलेशन एक्ट 1995 के तहत केंद्र सरकार को यह अधिकार मिला हुआ है की अगर उसकी नजर में किसी भी चैनल या प्रोग्राम से देश की अखंडता, एकता और संप्रभुता को खतरा हो सकता है तो हम उस पर रोक लगा सकते है.


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