लखनऊ | 1992 में हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में बीजेपी के कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ गयी है. अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में हाजिर रहने को कहा है. उस दिन कोर्ट इन सभी नेताओं के खिलाफ आरोप तय करेगी. अदालत का मानना है की आरोप तय होते समय सभी आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे. अदालत 30 मई को सभी अरोपियो के खिलाफ आरोप तय करेगी.

गुरुवार को बाबरी मस्जिद मामले की विशेष सुनवाई कर रही अदालत ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और अन्य लोगो को 30 मई को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया. इनमे बीजेपी सांसद विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा और विष्णु हरि डालमिया का नाम भी शामिल है. उसी दिन अदालत सभी के खिलाफ आरोप तय करेगी.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट आडवाणी , उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी समेत 13 अन्य लोगो पर बाबरी मस्जिद गिराने के समय अपराधिक साजिश रचने का मुकदमा चलाने का आदेश दे चुकी है. इसके अलावा कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई रोजाना करने का भी आदेश दिया था. कोर्ट ने यह भी कहा था की दो साल के अन्दर सुनवाई पूरी की जाए.

इससे पहले विशेष अदालत ने 25 मई को महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदान्ती, बैकुण्ठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, चंपत राय बंसल, धर्मदास और डॉ. सतीश प्रधान के खिलाफ आरोप तय करने की तारीख दी थी. लेकिन प्रधान ने बुधवार को ही कोर्ट में पेश हो जमानत ले ली. बताते चले की इस मामले में रायबरेली और लखनऊ दो जगह पर एफआईआर दर्ज की गयी थी. इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलो की सुनवाई लखनऊ में करने के आदेश दिए थे. आदेश से पहले आडवाणी समेत अन्य नेताओं की सुनवाई रायबरेली की अदालत में चल रही थी.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE