मध्यप्रदेश के बलाघाट के बैहर में 25 सितंबर की रात को अपना कर्तव्य निभाते हुए टीआई जिया उल हक़ और उनकी पूरी टीम को RSS प्राचरक के खिलाफ कारवाई करना महंगा पड़ गया.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस टीआई जिया उल हक़ को सम्मानित किया था आज वही टीआई जिया उल हक़ भागा-भागा फिर रहा हैं. पुलिस ने उसी थाने में एक संघ प्रचारक के आरोप पर इंस्पेक्टर जियाउल हक सहित उनकी पूरी टीम के खिलाफ बालाघाट में हत्या, दंगा करवाने और लूटपाट करने की धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया हैं.

और पढ़े -   जेवर गैंगरेप में नया मोड़, मेडिकल रिपोर्ट में नही हुई रेप की पुष्टि

दरअसल RSS प्रचारक सुरेश यादव ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपतिजनक पोस्ट की थी जिसके बाद एडिशनल एसपी राजेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुरेश यादव को गिरफ्तार किया था. इस टीम में थाना इंचार्ज होने के कारण शामिल होना पड़ा था.

सरकार की एक तरफ़ा कारवाई को लेकर 100 से ज्यादा इंस्पेक्टरों ने उनके समर्थन में अपनी वॉट्सऐप और फेसबुक की प्रोफाइल पिक्चर बदलकर उनकी की तस्वीर लगाते हुए मौर्चा खोल दिया हैं. साथ ही उनकी और उनकी पूरी टीम की जमानत दिलाने की तैयारी की जा रही हैं

और पढ़े -   आतंक के फर्जी मुकदमों में 16 साल जेल में बर्बाद, अदालत ने दिया योगी सरकार को मुआवजा देने का आदेश

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE