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सलाफी प्रचारक जाकिर नाईक के खिलाफ सरकार ने एक और कड़ा फैसला लेते हुए उसके ‘आइआरएफ एजुकेशन ट्रस्ट’ को पूर्व अनुमति की श्रेणी में रख दिया हैं. जिसके कारण अब केंद्र सरकार की अनुमति के बिना आइआरएफ को कोई विदेशी सहायता नहीं मिल सकेगी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा कि उपलब्ध रिकॉ‌र्ड्स और विभिन्न खुफिया एजेंसियों से प्राप्त रिपो‌र्ट्स के आधार पर पाया गया कि ‘आइआरएफ एजुकेशन ट्रस्ट’ ने फॉरेन कांट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए)-2010 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया है.

इसके अलावा सरकार ने जाकिर नाइक के एक अन्य एनजीओ ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ का एफसीआरए पंजीकरण रद करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

गौरतलब रहें कि ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ के एफसीआरए पंजीकरण का नवीनीकरण सितम्बर में ही किया गया था. लांकि, यह बात सामने आने पर गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और चार अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था. लेकिन उनकी अब फिर से बहाली कर दी गई हैं.


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