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जुलाई के महीने में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकी हमलों के बाद से ही विवादों में आये सलाफी स्कॉलर जाकिर नाईक के खिलाफ सरकार ने कारवाई का फैसला कर लिया हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक नोट बनाया जिसमे जाकिर नाईक और उसकी एनजीओ इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) पर कारवाई की सिफारिश की गई हैं.

सरकार जल्द ही को इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) गैरकानूनी घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगा सकती हैं. NBT के अनुसार नोट में जाकिर नाईक की तकरीरों को खतरनाक माना गया हैं. नोट में कहा गया कि जाकिर नाइक विभिन्‍न धार्मिक समुदायों के बीच दुश्‍मनी और नफरत को बढ़ावा देते रहे हैं। साथ ही वह मुस्लिम युवाओं को आंतकवादी कृत्‍य के लिए प्रेरित करते रहे हैं.

NBT के अनुसार, नोट में कहा गया, ‘इस तरह की बंटवारे वाली विचारधारा भारत के बहुलतावाद और सामाजिक मूल्‍यों के खिलाफ है और इसे भारत के खिलाफ वैमनस्‍य पैदा करने के तौर पर देखा जाना चाहिए. इस तरह ये गतिविधियां गैरकानूनी हो जाती हैं. अगर जल्‍द से जल्‍द कदम नहीं उठाया गया तो इस बात की आशंका है कि ज्‍यादा से ज्‍यादा युवा आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे.’

गौरतलब रहें कि ढाका में हुए आतंकी हमले में जिंदा पकडे गये आतंकी ने जांच एजेंसियों को बताया था कि मरने वाले आतंकी जाकिर नाईक की तकरीरों से प्रभावित थे.


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