Dr.-Zakir-Naik-600x381

जुलाई के महीने में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकी हमलों के बाद से ही विवादों में आये सलाफी स्कॉलर जाकिर नाईक के खिलाफ सरकार ने कारवाई का फैसला कर लिया हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक नोट बनाया जिसमे जाकिर नाईक और उसकी एनजीओ इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) पर कारवाई की सिफारिश की गई हैं.

सरकार जल्द ही को इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) गैरकानूनी घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगा सकती हैं. NBT के अनुसार नोट में जाकिर नाईक की तकरीरों को खतरनाक माना गया हैं. नोट में कहा गया कि जाकिर नाइक विभिन्‍न धार्मिक समुदायों के बीच दुश्‍मनी और नफरत को बढ़ावा देते रहे हैं। साथ ही वह मुस्लिम युवाओं को आंतकवादी कृत्‍य के लिए प्रेरित करते रहे हैं.

और पढ़े -   ABVP कार्यकर्ताओ ने मुस्लिम प्रिंसिपल को झंडा फहराने से रोका, जबरदस्ती कहलवाया वन्देमातरम

NBT के अनुसार, नोट में कहा गया, ‘इस तरह की बंटवारे वाली विचारधारा भारत के बहुलतावाद और सामाजिक मूल्‍यों के खिलाफ है और इसे भारत के खिलाफ वैमनस्‍य पैदा करने के तौर पर देखा जाना चाहिए. इस तरह ये गतिविधियां गैरकानूनी हो जाती हैं. अगर जल्‍द से जल्‍द कदम नहीं उठाया गया तो इस बात की आशंका है कि ज्‍यादा से ज्‍यादा युवा आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे.’

और पढ़े -   देश के मौजूदा हालात नाजी जर्मनी से भी बदतर, चल रहा संवैधानिक हॉलोकॉस्ट: चर्च

गौरतलब रहें कि ढाका में हुए आतंकी हमले में जिंदा पकडे गये आतंकी ने जांच एजेंसियों को बताया था कि मरने वाले आतंकी जाकिर नाईक की तकरीरों से प्रभावित थे.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE