विवादित सलाफी स्कॉलर जाकिर नाईक पर बड़ी कारवाई करते हुए भारत सरकार ने उनका पासपोर्ट निरस्त कर दिया. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुरोध पर यह कार्रवाई की गई है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बयान जारी कर कहा है कि तीन बार नोटिस देने के बावजूद जांच में सहयोग न करने पर विदेश मंत्रालय से नाईक का पासपोर्ट निरस्त करने की अपील की थी. जिसके बाद मुंबई रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने मंगलवार को उसका पासपोर्ट निरस्त कर दिया.

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नाइक ने एजेंसी के कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया था. इसमें उससे 13 जुलाई को व्यक्तिगत तौर पर एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा गया था. नोटिस में कहा गया था कि उनके खिलाफ लंबित विभिन्न जांचों को देखते हुए क्यों न उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाए.

नाईक ने पिछले साल अपने पासपोर्ट का 10 सालों के लिए नवीनीकरण कराया था. नवंबर महीने में एनआईए ने नाईक के खिलाफ आईपीसी और अवैध गतिविधि प्रतिबंधक कानून (यूएपीए) के तहत एफआईआर दर्ज की थी. नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को भी गैरकानूनी घोषित किया जा चुका है. सरकार ने नाइक के एनजीओ और टीवी चैनल को भी बैन कर दिया है.

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