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लखनऊ | उत्तर प्रदेश में फिलहाल रंगों पर खूब राजनीती की जा रही है. खासकर योगी सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय और रोडवेज बसों का रंग भगवा किये जाने के फैसले के बाद विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है. शनिवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस फैसले पर तंज कसते हुए एक ट्वीट किया. जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पलटवार करने की कोशिश की.

उन्होंने भगवा रंग को विकास और प्रगति का प्रतीक बताते हुए कहा की अगर लोगो का बस चले तो वो सूरज और अग्नि का रंग भी बदलवा दे. गोमती नगर स्थति भारतेंदु नाट्य अकादमी के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने कहा की सदियों से भगवा रंग शौर्य और प्रगति का सूचक माना गया है और यूपी इस समय प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है. इस रंग को किसी जाति या धर्म के दायरे में नही बाँधा जा सकता.

योगी ने विपक्षी दलों की आलोचना पर कहा की लोगो का क्या है , उनका बस चले तो वो सूरज और अग्नि का रंग भी बदलवा दे. क्योकि इन दोनों की रौशनी का रंग भी भगवा ही है. हालाँकि इस दौरान उन्होंने किसी का नाम नही लिया लेकिन माना जा रहा है की वो अखिलेश यादव के ट्वीट का जवाब दे रहे थे. उल्लेखनीय है की अखिलेश ने 4 नवम्बर को ट्वीट कर लिखा था की विकास का रंग अपने आप दिखता है, चढ़ाने से नहीं चढ़ता है.

हिन्दू आतंकवाद को लेकर शुरू हुई चर्चा के बीच योगी ने कहा की हिंदुत्व जीवन जीने की शैली है. जो लोग हिंदुत्व को नही जानते, जो लोग विदेशी झूठन खाकर अपना पेट भरते है वो ही लोग हिन्दू आतंकवाद की बात करते है. योगी ने आगे कहा की ऐसे लोगो को जनता पहले ही ख़ारिज कर चुकी है. योगी ने धर्म निरपेक्ष शब्द को भी झूठ करार दिया.


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