मिर्जापुर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजकल सरकारी अस्पतालों के काफी दौरे कर रहे है. लेकिन उनके दौरे की वजह से काफी मरीजो को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार को मिर्जापुर के सरकारी अस्पताल में योगी के दौरे की वजह से एक मरीज को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. इसके अलावा इलाहबाद में एक सात साल की रेप पीडित बच्ची को समय से पहले डिस्चार्ज कर दिया गया.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार योगी आदित्यनाथ, शनिवार को मिर्जापुर के सरकारी अस्पताल के दौरे का पर आने वाले थे. इसकी सूचना मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने सुबह 11 बजे से ही अस्पताल के गेट मरीजो के लिए बंद करा दिए. जिसकी वजह से काफी मरीजो को गेट के बाहर ही रोक दिया गया. इस दौरान वहां लालगंज थाना क्षेत्र के बामी गाँव से एक परिवार अपने बेटे राजन के इलाज के लिया वहां पहुंचा.

लेकिन जैसे ही यह परिवार अस्पताल के गेट पर पहुंचा इसको वही रोक दिया गया. वजह पूछने पर बताया गया की मुख्यमंत्री के दौरे की वजह से गेट बंद किया गया है. उनके जाने के बाद ही गेट खुलेगा. इस दौरान राजन के परिजनों ने अधिकारियो से लाख मिन्नतें की लेकिन उन्होंने उनको अन्दर जाने नही दिया. 17 वर्षीय राजन काफी दिनों से बीमार चल रहा था लेकिन शनिवार को उसकी स्थिति और ख़राब हो गयी.

सही समय पर इलाज न मिलने की वजह से राजन ने अस्पताल के गेट के सामने ही दम तोड़ दिया. प्रशासनिक अमानवीयता का यह बेहद ही क्रूर चेहरा है जिसकी वजह से एक परिवार को अपने बेटे की जान से हाथ धोना पड़ा. इसके अगले ही दिन योगी , इलाहबाद दौरे पर थे. यहाँ भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली. अस्पताल प्रशासन ने एक सात साल की रेप पीड़ित बच्ची को समय से पहले डिस्चार्ज कर घर भेज दिया जबकि शुक्रवार को उसके परिजनों को बताया गया था की कई दिनों के इलाज के बाद बच्ची की हालत में सुधार होगा.


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