लखनऊ | उत्तर प्रदश में भारी बहुमत के साथ मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले योगी आदित्यनाथ ने पदभार ग्रहण करते ही कुछ बड़े निर्णय लिए थे. इनमे से के राज्य की सडको को गड्ढा मुक्त करने का भी था. योगी ने अधिकारियो को 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़के गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया था. उसकी अवधि आज पूरी हो रही है. तो क्या योगी अपने वादे पर खरे उतरे? जब इसकी पड़ताल की गयी तो जमीनी सच्चाई कुछ और निकली.

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7 जून तक प्रदेश की केवल 50 फीसदी सड़के ही गड्ढा मुक्त हो पाई. लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है. इसके अलावा खुद योगी आदित्यनाथ और उनके डिप्टी केशव प्रसाद मौर्या ने भी इस बात को माना की सरकार अपने वादे को पुरे करने में असफल रही. योगी ने कहा की हमें विरासत में खाली सरकारी खजाना मिला था. इसलिए फंड की कमी की वजह से सभी सड़के गड्ढा मुक्त नही हो पाई.

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हालाँकि योगी ने वादा किया की बरसात के बाद सभी सडको को गड्ढा मुक्त कर दिया जायेगा. इसके लिए युद्धस्तर पर काम किया जायेगा. दरअसल लोक निर्माण विभाग ने जो रिपोर्ट दी है उसमे बताया गया की प्रदेश की 1 लाख 21 हजार 816 किलोमीटर में से अब तक सिर्फ 61 हजार 433 किलोमीटर सड़क ही गड्ढा मुक्त हो पाई है. इनमे से 85 हजार 942 किलोमीटर सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन आती है.

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जिनमे से 57 हजार 378 किलोमीटर सड़क के गड्ढे भरे जा चुके है. जबकि पंचायत विभाग के अधीन आने वाली 3890 किलोमीटर सड़क में से केवल 191 किलोमीटर सड़क ही गड्ढा मुक्त हो पायी है. यही हाल मंडी परिषद, गन्ना विभाग , सिंचाई विभाग, नगर निगम एवं नगर निकाय, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और एनएचआई के अधीन आने वाली सडको का भी है. यहाँ भी सभी सडको के गड्ढे नही भरे गए है.


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