अमेरिका के विदेश विभाग की तरफ से भारत के आर्थिक वृद्धि आंकड़ों पर संदेह व्यक्त किये जाने के बाद अब पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की हैं. उन्होंने कहा कि देश के भीतर भी आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों को लेकर समय समय पर सवाल उठते रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों के बारे में स्पष्टीकरण इसलिये नहीं देना चाहिये कि मैं अमेरिका की बात का समर्थन कर रहा हूं बल्कि इसलिये देना चाहिये कि घरेलू स्तर पर भी विभिन्न वर्गों से इसकी आलोचना होती रही है’’ सिन्हा ने आगे कहा, यदि घरेलू आलोचना को नजरंदाज कर दिया जाये तो भी सरकार को इस संबंध में स्पष्टीकरण देना चाहिये क्योंकि उसके सबसे ‘‘अच्छे मित्र अमेरिका’’ ने भी इन आंकड़ों के बारे में असंतोष जताया है.

और पढ़े -   चीनी के सरकारी मीडिया ने सुषमा स्वराज को बताया 'झूठा' कहा, भारत को दिखने लगी अपनी हैसियत

सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2015-16 में 1,40,000 करोड़ रुपये के आंकड़ों की विसंगति की वजह से आर्थिक वृद्धि दर अधिक बढ़ी हो सकती है क्योंकि एक साल पहले यह आंकड़ा केवल 30,000 करोड़ पर था. यदि इस विसंगति को दूर किया जाता है तो उसके बाद वृद्धि का आंकड़ा तेजी से नीचे आ सकता है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE