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ओडिशा के कालाहांडी जिले के भवानीपटना में दाना माझी नामक व्यक्ति को अपनी पत्नी के शव को कंधे पर रखकर 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था. पत्नी की लाश ढोते हुए दाना माझी की तस्वीर ने पिछले दो दिनों से पूरे देश में हलचल मचा कर रख दी है.

घटना के बाद उड़ीसा सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं. राज्य के शहरी विकास मंत्री पुष्पेंद्र सिंह देव ने भुवनेश्वर में कहा, ‘कालाहांडी के जिला कलक्टर ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

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वहीँ दूसरी तरफ दाना माझी ने बताया कि उसने खुद किसी से मदद नहीं मांगी थी. माझी ने बताया कि उन्होंने हॉस्पिटल प्रशासन में से किसी को भी सूचित नहीं किया था और अपनी पत्नी की लाश लेकर वह चुपचाप निकल पड़ा था. यहां तक कि उसने गांव तक पत्नी के शव को ले जाने के लिए भी किसी ग्रामीण से भी मदद नहीं मांगी थी.

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माझी ने कहा, डॉक्टर ने मेरी पत्नी का तीन बार इलाज किया था और वह अंतिम बार रात के 10 बजे विजिट करने आए थे. मेरी पत्नी की मौत सुबह 2 बजे हुई. जब मुझे पता चला कि अब वह जीवित नहीं बची है तो मैं बिना किसी को कुछ बताए शव को ले जाने लगा. उस वक्त फीमेल वार्ड में कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था इसलिए मैंने खुद ही शव को घर तक कंधे पर ले जाने का फैसला किया.

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उसने कहा, ‘पत्नी अमांग दई की मौत के बाद मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था और मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए. मैंने हॉस्पिटल से भी अपनी पत्नी के शव को ले जाने के लिए वाहन की मांग नहीं की थी.’


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