Sadhvi Prachi. Picture from her facebook account.
Sadhvi Prachi

भाजपा एमपी और विश्व हिन्दू परिषद की नेता साध्वी प्राची अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहती हैं. हाली में उनके एक बयान से पूरे देश में खलबली मच गयी जिसके बाद विश्व हिन्दू परिषद और भाजपा दोनों ही साध्वी के विवादित बयानों से पल्ला झाड़ती नज़र आ रही हैं.

अपनी कट्टरता के लिए मशहूर साध्वी ने हाली में मुसलमानो को देश से बाहर करने की बात कह डाली. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट कि मुताबिक, साध्वी ने कहा कि हमने कांग्रेस मुक्त भारत बना दिया अब बारी हैं मुसलमान मुक्त भारत बनने की.

हालाँकि विश्व हिन्दू परिषद ने साध्वी से किनारा करते हुए कहा कि, परिषद नहीं चाहता के मुस्लमान को इस देश से बहार निकाला जाये. बीबीसी से इंटरव्यू में परिषद महासचिव सुरेंद्र जैन ने बताया परिषद के कानून में लिखा है कि परिषद का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकता इस लिहाज़ से साध्वी हमारे परिषद का हिस्सा नहीं. और हमारा उनसे कोई भी सम्बन्ध नहीं हैं.

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विहिप नेता ने कहा, ”हम नहीं चाहते कि मुसलमानों को निकाल दिया जाए. ये संभव भी नहीं है. हमारी सोच है कि भारत हमेशा से सबके लिए रहा है. मुसलमान पहले यहां व्यापारी के तौर पर आए थे. हमने ही उन्हें पहली मस्जिद बनाकर दी थी. हमारा देश के मुसलमानों से झगड़ा नहीं है. हमारा झगड़ा उन लोगों की मानसिकता से है जो कोई भी बात होगी तो पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाएंगे, या पाकिस्तान का झंडा फ़हराएंगे. हमारा झगड़ा उस मानसिकता से है, व्यक्तियों से नहीं.”

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तो वही भाजपा अध्य्क्ष अमित शाह ने साध्वी के इस बयान पर किनारा करते हुए कहा कि मैं और मेरी पार्टी साध्वी कि ऐसे विवादित बयानों का समर्थन नहीं करती और भाजपा का सिर्फ एक लक्ष्य है सबका साथ-सबका विकास.
साध्वी कि इस विवदास्पद बयानों कि चलते सोशल मीडिया पर भी एक बहस जारी हो गयी हैं.

वरिष्ठ पत्रकार ओम थान्वी ने ट्वीट कर लिखा, “मुस्लिम-मुक्त भारत. फिर ईसाई-मुक्त भारत. फिर सिनेमा-मुक्त, साहित्य-मुक्त, कला-मुक्त भारत. अंततः भारत-मुक्त भारत. यही है अंतिम भगवा लक्ष्य.”

ख़ान युसुफ़ ने ट्विटर पर लिखा, ”क्यों केंद्र और राज्य सरकारें साध्वी प्राची के खिलाफ़ कार्रवाई नहीं कर रही हैं.

स्वप्निल लिखते हैं, ”वो अपने बोलने की आज़ादी के अधिकार का इस्तेमाल कर रही हैं. अगर आपको पसंद नहीं है, तो मत सुनिए.”

पत्रकार रूपा सुब्रमण्यम लिखती हैं, ”मौका आ गया है कि भारत को साध्वी प्राची/विहिप से मुक्त किया जाए. मोदी ने उन्हें गुजरात में अप्रासंगिक बना दिया था. अगला कदम: देशव्यापी.”

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यह कोई पहला मौका नहीं है, जब साध्वी प्राची जैसी नेता ने मुसलिम समुदाय के लिए ऐसे कड़वे विचार ज़ाहिर किये हो. इससे पहले भी कई नेताओं ने मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते हुए अनेक आपत्तिजनक बयान दे डाले हैं. लेकिन इस बात पर नुक्ता यह कि आखिर कब तक यह सिलसिला कायम रहेगा, कब तक देश में साम्प्रदायिकता की राजनीती होती रहेगी, कब इन जैसे नेताओं के ऊपर कोई लगाम लगएगा? आखिर कब?

Web-Title:why law does not applicable on sadhvi and alike him

Key-Words: Sadhvi, Vishva Hindu Parishad, BJP, Amit Shah, Muslim, PTI


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