नई दिल्ली | ईद से कुछ दिन बल्लभगढ़ के रहने वाले 16 वर्षीय जुनैद की चाकुओ से गोदकर हत्या कर दी गयी. ट्रेन में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद जुनैद की मौत के साथ ही खत्म हुआ. हालाँकि इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन इस घटना से बल्लभगढ़ के कई इलाको में अभी भी तनाव फैला हुआ है. लेकिन यहाँ के कुछ हिन्दू बहुल गाँव ने इस तनाव को कम करने का बीड़ा उठाया है जो एक प्रशंसनीय कदम है.

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उधर खुद हत्यारोपी के समर्थको ने जुनैद के घर पहुंचकर सबको चौंका दिया. दरअसल 13 जुलाई को इस हत्याकांड के आरोपी पक्ष की और से एक पंचायत आयोजित की गयी. यह पंचायत मुख्य आरोपी नरेश के गांव भामरौला में आयोजित की गयी जिसमे 52 पालो ने हिस्सा लिया. इस पंचायत में तय किया गया की इलाके का भाईचारा बनाए रखने के लिए पीड़ित के घर जाकर उसके परिवार को सांत्वना दी जाएगी.

इसके लिए पालो ने एक कमिटी का गठन किया. इसमें नरेश के गाँव के कुछ लोग , पंचायत प्रमुख धर्मवीर डागर और सहरावत पाल के प्रमुख नरेन्द्र सरपंच शामिल थे. रविवार को यह समिति जुनैद के गाँव खंदावली पहुंचे. इन सभी लोगो का जुनैद के पिता जलालुद्दीन ने स्वागत किया. इस दौरान डागर ने जुनैद के परिवार को सांत्वना देते हुए कहा की खंदावली के गाँव के आस पास अलग अलग समुदाय के लोग रहते है लेकिन सबमे काफी भाई चारा है.

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डागर के अलावा नरेन्द्र सरपंच ने भी जुनैद की ह्त्या पर दुःख जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा की हम सब इस घटना की निंदा करते है और ऐसी घटनाए दोबारा न हो इसके लिए थोड़े प्रयास की भी जरुरत है. हमें चाहिए की हम इसके लिए अपने युवाओं को संस्कार दे. क्योकि यह दोनों समुदाय की जिम्मेदारी बनती है की भविष्य में ऐसी घटनाये न हो. उधर जुनैद के पिता ने कहा की हम सब भी यही चाहते है की दोनों समुदाय में शांति और सद्भाव बना रहे.

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