वाराणसी | आज पुरे देश में ईद-उल-फितर का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस त्यौहार के लिए लोग एक महीने पहले से तैयारिया शुरू कर देते है. खासकर बच्चे ईद के लिए ज्यादा उत्साही रहते है क्योकि उनको पता होता की इस दिन उन्हें नए नए कपडे और मिठाइयाँ मिलेंगी. लेकिन वाराणसी की रहने वाली शबाना इससे महरूम है. न ही इस ईद उसके घर मिठाइयाँ आनी थी और न ही कपडे.

क्योकि शबाना एक अनाथ बच्ची है. वो अपने नाना नानी के घर अपने छोटे भाई के साथ रहती है. परिवार की हालत बेहद माली है जिसकी वजह से ईद की खुशियां उनके लिए बेमानी है. फिर भी शबाना ने हार न मानते हुए जिले के डीएम से मदद की पेशकश की. शायद शबाना को भी इस बात का इल्म नही था की डीएम उसकी मदद करेंगे. लेकिन डीएम साहब ने इंसानियत की वो मिसाल कायम की जिसकी तारीफ चारो और हो रही है.

दरअसल वाराणसी के मंडुआडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवदासपुर की रहने वाली शबाना ने जिले के डीएम योगेश्वर राम मिश्र के मोबाइल पर मदद के लिए एक मेसेज किया. शबाना ने लिखा की ‘डीएम सर, नमस्ते, मेरा नाम शबाना है और मुझे आपकी थोड़ी सी हेल्प की जरुरत है. सर सबसे बड़ा त्यौहार ईद है. सब लोग नए कपडे पहनेंगे लेकिन हमारे परिवार में नए कपडे नई आये. मेरे माता पिता नही है. 2004 में उनका इंतकाल हो गया’.

शबाना के इस मेसेज को पढ़कर डीएम साहब ने तुरंत बच्ची की मदद करने का फैसला किया. उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर सुशील कुमार गौड़ को शबाना के घर नए कपडे, मिठाइयाँ और सेवई के पैसे पहुँचाने का निर्देश दिया. निर्देश मिलते ही सुशील कुमार , अन्य अधिकारियो के साथ शबाना के घर पहुंचे. इस तरह अधिकारियो के घर आने पर शबाना को पहले यकीन नही हुआ लेकिन जब उन्होने बताया की वो डीएम के निर्देश पर आये है तो उसकी आँखों में ख़ुशी के आंसू आ गए और उसने डीएम समेत सभी अधिकारियो को शुक्रिया अदा किया.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE