नई दिल्ली | सोशल मीडिया के उदय के साथ ही दुनिया भर के राजनितिक दलों को एक ऐसा माध्यम मिल गया जिसके जरिये वो जब जिसको चाहे उसको हीरो बना दे और जिसको चाहे जीरो. अब शायद ही कोई राजनितिक दल बचा होगा जिसका अपना आईटी सेल न हो. इस सेल के जरिये उन लोगो के बयानों पर नजर रखी जाती है जो उनकी विचारधारा के उलट बोल रहे है. इसके बाद उन लोगो को ट्रोल किया जाता है और उनको महसूस कराया जाता है की वो कितनी बड़ी तादात में है.

किसी भी नेता या सेलेब्रिटी के ट्वीट पर उनको ट्रोल करना अब एक फैशन सा बन गया है. हालाँकि एक हद तक यह सही है की आप उनके बयान को काउंटर कर रहे हो लेकिन जब बात गाली गलौच तक आ जाए तो यह सीमा लांघने जैसा हो जाता है. कुछ ऐसा ही मशहूर पत्रकार बरखा दत्त के साथ भी हो रहा है. उनके हर ट्वीट पर लोग मर्यादा की सीमा लांघ रहे है. उनको गलिया दी जाती है जो एक सभ्य समाज के लिए बिलकुल भी सही नही है.

और पढ़े -   NDTV ने BSE को खत लिखकर चैनल बिकने की खबर को किया ख़ारिज कहा, नही बदला स्वामित्व

दरअसल बरखा दत्त ने अंग्रेजी पत्रिका द वीक में एक लेख लिखा है. इस लेखा का लिंक उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट से शेयर किया. इस दौरान उन्होंने ट्वीट किया,’ मैं अज्ञेयवादी और अधार्मिक हूँ लेकिन अगर मैं मुस्लिम होती….आज के माहौल में यह महसूस करती..पढ़िए मेरा लेख’. बरखा के इस ट्वीट पर लोगो ने बिना उनका लेख पढ़े ही प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी. कुछ यूजर तो गाली गलौच तक उतर आये.

और पढ़े -   दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाने के ममता सरकार के आदेश पर हाई कोर्ट सख्त, पुछा सत्ता है तो मनमाना आदेश पारित करेंगे

एक यूजर ने बरखा से कहा की तुम शादीशुदा हो और तुमने एक मुस्लिम के साथ शादी की है. इस कमेंट का जवाब देते हुए बरखा ने लिखा की मैं शादीशुदा नही हूँ. इसके अलावा बरखा ने पहला अपना लेख पढने और बाद में कमेंट देने की सलाह दी. इस लेख में बरखा ने इस्लामी आतंकवाद, तीन तलाक, भीड़ की हिंसा में मारे गए मुस्लिम, राष्ट्रपति की इफ्तार में किसी केन्द्रीय मंत्री का न पहुंचना , यूपी विधानसभा चुनावो में बीजेपी का किसी मुस्लिम को टिकेट न देना जैसे मुद्दे भी उठाये है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE