नई दिल्ली। जेएनयू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने अपनी गिरफ्तारी के तीन सप्ताह के बाद जेल से लौटने पर गुरुवार देर रात को भाषण दिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ निशाना साधा और कहा कि वे देश के भीतर स्वतंत्रता चाहते हैं न कि भारत से।

कन्हैया ने कहा कि गुरुवार को पीएम मोदी स्टालिन और ख्रुश्चेव की बात कर रहे थे, मैं उम्मीद कर रहा था कि वो हिटलर पर भी कुछ बोलें।

कन्हैया ने कहा कि ये लंबी लड़ाई है, बिना झुके, बिना रुके हमें लड़ना है। भारत से आजादी नहीं, भारत को लूटने वालों से आजादी चाहते हैं। केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ को तो आपने हर-हर कह के झक लिया, आजकल लोग अरहर से परेशान हैं।

कथित तौर पर राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने के लिए देशद्रोह के आरोपी 29 वर्षीय कन्हैया कुमार ने परिसर में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा उनके प्रधानमंत्री के साथ कई मतभेद हैं, लेकिन वह उनके ‘सत्यमेव जयते’ वाले ट्वीट से सहमत हैं जो उन्होंने जेएनयू विवाद पर लोकसभा में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के उग्र लहजे वाले भाषण पर किया था क्योंकि यह संविधान में है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत से आजादी नहीं चाहते हैं, भारत के भीतर आजादी चाहते हैं।’’ तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान अपने साथ खड़े रहने वालों को धन्यवाद देते हुए कुमार ने कहा कि उन्हें भारत के संविधान और न्यायपालिका में पूरा भरोसा है। ‘

जेएनयू अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी, आरएसएस व एबीवीपी पर जमकर निशाना साधा। केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने ये भी कहा कि तुम जितना दबाओगे, हम उतनी मजबूती से खड़े होंगे।

गौरतलब है कि बुधवार को हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ ने कन्हैया द्वारा दायर जमानत याचिका को मंजूर करते हुए उसे छह माह की अंतरिम जमानत प्रदान की थी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि कन्हैया अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद केस से जुड़े किसी गवाह, सबूत या जांच को प्रभावित नहीं करेगा। वह जमानत की शर्तों का उल्लंघन किसी भी सूरत में नहीं करेगा।

हाईकोर्ट ने कन्हैया को हिदायत दी थी कि वह जमानत पर रिहा होने के बाद एंटी नेशनल गतिविधि में लिप्त नहीं रहेगा और न ही ऐसा कोई आयोजन होने देगा जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को प्रोत्साहन देती हो। छात्र संघ का अध्यक्ष होने के नाते वह जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियों के लिए किसी छात्र को प्रोत्साहन नहीं देगा। कन्हैया बिना कोर्ट की अनुमति के देश छोड़कर नहीं जाएगा। (eenaduindia)


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