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भोपाल | भोपाल सेंट्रल जेल से भागने के बाद सिमी के 8 कार्यकर्ताओ का एनकाउंटर मध्य प्रदेश पुलिस और सरकार के लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है. मारे गए सिमी कार्यकर्ताओ के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. इसके लिए सिमी कार्यकर्ताओ के वकील मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में अपील दायर करेंगे.

मारे गए सिमी कार्यकर्ताओ के वकील परवेज आलम ने मीडिया को बताया की इन कार्यकर्ताओ के परिजन मुझसे मिले थे. सबने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. मेरे मुवक्किलों की पुलिस ने एनकाउंटर के बहाने बेरहमी से ह्त्या की है. जो निंदनीय है और जांच का विषय है. पुलिस के अनुसार सभी सिमी कार्यकर्ताओ ने 35 फीट की दीवार लांघी और जेल से फरार हो गए.

परवेज आलम ने इसे कांस्पीरेसी बताते हुए कहा की किसी के लिए भी 35 फीट की दीवार फांदना संभव नही है. इसके अलावा पुलिस और ATS के जवान लगातार सिमी कार्यकर्ताओ पर फायरिंग कर रही है जबकि उनकी तरफ से कोई भी जवाबी फायरिंग नही हो रही है. पुलिस की कार्यवाही संदेह के घेरे में है और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए.

परवेज आलम ने बताया की सभी सिमी कार्यकर्ताओ के परिजन मुझसे मिले और उन्होंने इसे पुलिस की साजिश करार देते हुए कहा की पुलिस ने सिमी के लोगो की बेरहमी से ह्त्या की है. सभी परिजन मामले की सीबीआई जांच चाहते है इसलिए मैं मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय में इसकी मांग करते हुए एक याचिका दाखिल करूँगा. जिससे मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस की सच्चाई जनता के सामने.

मालूम हो परवेज आलम जेल से भागे सभी सिमी कार्यकर्ताओ का केस लड़ रहे थे. इन लोगो के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने की बाद परवेज आलम ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया था की किसी भी कार्यकर्त्ता के खिलाफ कोई भी सबूत नही मिला है. इसलिए 18 नवम्बर को होने वाली सुनवाई में सभी आरोपी रिहा हो जाते. ऐसे जब उनको पता है की वो रिहा होने वाले है तो वो जेल से फरार क्यों होते?


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