रामदेव के खिलाफ भड़काऊ भाषण मामले में रोहतक की एक कोर्ट ने जमानती वॉरंट जारी कर 14 जून को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. साथ ही उन्हें एक लाख रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा है.

दरअसल, 3 अप्रैल 2016 को रामदेव ने कहा था कि आज कल कुछ लोग टोपी पहन कर ये कहते हैं कि चाहे सिर धड़ से अलग हो जाए भारत माता की जय नहीं बोलेंगे. लेकिन शायद उन्हें ये पता नहीं कि देश के कानून का सम्मान करते हैं नहीं तो भारत माता का अपमान करने पर लाखों सिर धड़ से अलग कर सकते हैं.

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उनका ये बयान देश के अल्पसंख्यक समुदाय को धमकी देने के खिलाफ लिया गया था. इसके बाद कांग्रेस नेता सुभाष बतरा ने रामदेव के खिलाफ पुलिस से भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज करने की अपील की थी. लेकिन पुलिस ने रामदेव के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया तो बतरा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

मामले का संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट हरीश गोयल ने दो मार्च को रामदेव के खिलाफ समन जारी किया था. हालांकि बतरा की याचिका पर अदालत ने पहले भी बाबा रामदेव को समन जारी किए थे, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुए.

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