सहारनपुर | बीते एक महीने से सहारनपुर जिला साम्प्रदायिक और जातीय संघर्ष से जूझ रहा है. पहले आंबेडकर जयंती को लेकर निकाली गयी शोभा यात्रा ने सम्प्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया जिसके बाद बीजेपी सांसद समेत कई बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारी के घर पर जमकर बवाल काटा. इसके बाद 5 मई को शब्बीरपुर गाँव में ठाकुरों और दलितों के बीच जातीय संघर्ष हो गया जिसमे एक व्यक्ति की मौत हो गयी.

उस घटना में 25 घरो को आग लगा दी गयी जिससे कई परिवार बेघर हो गए. इसी घटना के विरोध में दलित समुदाय ने मंगलवार को सहारनपुर में एक पंचायत रखी थी. हालाँकि प्रशासन ने इसकी इजाजत नही दी थी फिर भी शहर के गांधी पार्क में आस पास के इलाको से बड़ी संख्या में दलित इस पंचायत में पहुंचे. इसलिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर इनको रोकना चाहा.

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जिससे स्थिति और बिगड़ गयी. दलित समाज के लोगो पुलिस की कार्यवाही से गुस्से में आ गए और शहर के बाहरी इलाको में बवाल मचाना शुरू कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दलितों ने हलालपुर में सड़क पर जाम लगा दिया और आने जाने वालो वाहनों में तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी. बेहद रोड पर एक बस को आग लगा दी गयी. लगभग एक दर्जन दुपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया.

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इसके अलावा मल्हीपुर रोड पर भी वाहनों को आग लगा दी गयी. एक निजी कार को उलटकर उसमे आग लगा दी गयी. यही नही पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया गया. फ़िलहाल इस घटना में किसी के घायल होने या हताहात होने की कोई खबर नही है. लेकिन पुरे शहर में कानून व्यवस्था चरमरा गयी है. एक वक्त ऐसा भी आया जब पुलिस को भीड़ ने भागने पर मजबूर कर दिया. हालाँकि प्रशासन का कहना है की फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है.

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