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कश्मीर में  हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा को आज 100 दिन पूरे हो गए हैं. हालांकि हालात अब भी तनावपूर्ण हैं.

इस हिंसा में अब तक 84 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग घायल हैं. जिनमे पेलेट से घायल हुए कई लोगों को आँखों की रोशनी जा चुकी हैं. तीन महीने से ऊपर हुए इन दिनों में अब तक घाटी की अर्थव्यवस्था को 1200 करोड़ से ऊपर का नुकसान हो चूका हैं.

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अलगाववादियों द्वारा बुलाये गए बंद के कारण छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हो रही हैं. क्योंकि घाटी में स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि कश्मीर में आज कफ्र्यू तो कहीं नहीं है लेकिन कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐहतिहाती उपाय करते हुए आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 के तहत लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है.

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उन्होंने आगे कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए और लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. अधिकारियों ने स्थिति में सुधार को देखते हुए तीन माह बाद शुक्रवार रात को प्रीपेड मोबाइल फोन से कॉल करने की सुविधा बहाल कर दी. हालांकि पूरे कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अब भी निलंबित हैं.

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