दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में पिछले हफ्ते पत्रकारों और जेएनयू छात्रों और शिक्षकों पर बेशर्मी के साथ दो बार हुए हमलों में शामिल विक्रम सिंह चौहान बुधवार को पुलिसिया पूछताछ में शामिल होकर गिरफ्तार हुए और फिर जमानत पर छोड़ दिए गए।

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में पिछले हफ्ते पत्रकारों और जेएनयू छात्रों और शिक्षकों पर बेशर्मी के साथ दो बार हुए हमलों में शामिल विक्रम सिंह चौहान बुधवार को पुलिसिया पूछताछ में शामिल होकर गिरफ्तार हुए और फिर जमानत पर छोड़ दिए गए। कोर्ट परिसर में दो बार 15 और 17 फरवरी को हमला करने वाले वकीलों के समूह की तस्वीरें कैमरे में कैद हो गई थीं।

तस्वीर में चौहान वकीलों के हमले में साफ तौर पर शामिल दिख रहा थे। इन घटनाओं पर दिल्ली में व्यापक जनाक्रोश फैला और इसकी कड़ी निंदा की गई। मंगलवार रात इसी मामले में दूसरे वकील यशपाल सिंह को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में जमानत मिल गई थी।

सोमवार को एक निजी न्यूज चैनल ने स्टिंग आॅपरेशन दिखाया था, जिसमें तीन वकील जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार की 17 फरवरी को अदालत में पेशी के दौरान उन्हें पीटने की घटना पर शेखी बघारते दिख रहे थे। इस मामले में पहले से भी पुलिस ने चौहान और उसके कुछ सहयोगियों को कई बार पेशी के लिए तलब किया था। पुलिसिया नोटिस पर वे लोग ध्यान नहीं दे रहे थे। लेकिन जैसे ही इनकी शेखी बघारने का स्टिंग किया गया पुलिस मुस्तैद हो गई और कार्रवाई करने लगी। मंगलवार को इस मामले में यशपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद यह तय हो गया था कि अन्य दोनों वकीलों को भी पुलिसिया पूछताछ में शामिल होना पड़ेगा।

बुधवार को दूसरे आरोपी वकील विक्रम चौहान सुबह में तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि मैं किसी संगठन से नहीं हूं। मैं एक भारतीय नागरिक हूं। कुछ मीडिया मुझे रोज-रोज गुंडा बनाकर पेश कर रहा है। क्या मेरे खिलाफ कोई दर्ज शिकायत वे दिखा सकते हैं? बाद में उन्हें भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया और फिर थोरी देर बाद जमानत दे दी गई।

उधर पटियाला हाउस परिसर में पिछले हफ्ते पत्रकारों, जेएनयू शिक्षकों और छात्रोंं की पिटाई करते हुए कैमरे में कैद हुए वकील यशपाल सिंह को धोखाधड़ी और जालसाजी के एक अलग मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को अग्रिम जमानत दे दी। न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने सिंह को राहत दी और 25000 रुपए की जमानत राशि और इतनी ही राशि का एक मुचलका जमा करने को कहा। इस बात को भी संज्ञान में लिया कि पक्षों ने आपस में मामले को सुलझा लिया है।

निचली अदालत के 29 जनवरी के फैसले के खिलाफ सिंह की अपील पर यह आदेश आया। निचली अदालत ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी। मामला दिल्ली पुलिस द्वारा 2014 में सिंह के खिलाफ कथित तौर पर एक दिवंगत महिला की जमीन को बेचने की कोशिश करने के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। सिंह को अपने साथियों के साथ पत्रकारों और जेएनयू के छात्रों एवं शिक्षकों की पिटाई करते हुए कैमरे में कैद किया गया था जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और मंगलवार को थाने से ही जमानत दे दी गई थी। (Jansatta)


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