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देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने भगोड़ा घोषित विजय माल्या सहित 63 कर्जदारों के तकरीबन सात हजार करोड़ रुपए के बकाया लोन को डूबा हुआ मान कर माफ़ कर दिया हैं.

जिन कर्जदारों का लोन डूबा हुआ माना गया है, उनमें टॉप 20 में किंगफिशर एयरलाइंस (1201 करोड़), केएस ऑयल (596 करोड़), सूर्या फार्मास्यूटिकल्स (526 करोड़), जीईटी पावर (400 करोड़) और साई ईन्फो सिस्टम (376 करोड़) हैं. हालाँकि भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा कि ये डूबा हुआ नहीं माना जाएगा. इन्हें उन खातों में डाला गया है, जिस खाते को एकाउंट्स अंडर कलेक्शन कहा जाता है.

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विजय माल्या पर विभिन्न बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये का बकाया था. जब सभी बैंक मिलकर बकाया वसूलने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो माल्या देश से फरार हो गए. डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई जब बकाया लोन वसूल करने में विफल रही तो उसने शीर्ष 100 विलफुट डिफाल्टरों (जो लोन नहीं दे रहे) में से 60 से अधिक पर बकाया 7016 करोड़ रुपये का लोन माफ करने का फैसला कर लिया है.

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इस बीच, राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने महत्वपूर्ण बयान दिया है. जेटली ने कहा कि write off का मतलब ये नहीं हुआ कि हमने क़र्ज़ माफ़ कर दिया. लोन अभी भी सभी लोगों को देना होगा.


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