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कश्मीर के पहले यूपीएससी टॉपर और प्रदेश के शिक्षा निदेशक शाह फैजल मीडिया द्वारा अपनी तुलना मारे गये उग्रवादी बुरहान वानी से करने पर शुक्रवार को राष्ट्रीय मीडिया पर जमकर बरसे, उग्रवादी के साथ फोटो लगने का दर्द फैजल ने फेसबुक पर जाहिर किया. उन्होंने लिखा, उग्रवादी के साथ मेरा फोटो लगाकर मीडिया बर्बरता पर उतर आया है.

उन्होंने अपने फ़ेसबुक पर लिखी पोस्ट में कहा कि कुछ टीवी चैनलों द्वारा कश्मीर में अशांति पर अपने प्राइम टाइम शो, में मारे गये उग्रवादी वानी की तुलना मेरी तस्वीर को सामने रखकर  की जा रही है जो लोगों को आपस में बाँटने और नफ़रत को बढ़ावा दे रही है.

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आगे उन्होंने लिखा कि कश्मीर में मातम के बीच यह प्रचार गुस्से और अलगाव को हवा देता है. ऐसी घटिया बहस का हिस्सा बनकर मैं परेशान हूं. यह बकवास जारी रही तो आज नहीं तो कल मैं आईएएस से इस्तीफा दे दूंगा. उन्होंने आगे लिखा लिखा कि पूरे कश्मीर में मौतों का सिलसिला जारी है ऐसे में मीडिया द्वारा अपने लाल और नीले न्यूज़ रूम से जो दुष्प्रचार किया जा रहा है उससे कश्मीर में गुस्से और अलगाव की भावना बढ़ रही है क्या भारत उसे संभाल सकता है.

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उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, मेरी निजी ज़िन्दगी से अलग इस फुजूल बहस का हिस्सा बनाकर मुझे परेशान किया जा रहा है क्या मैं इस प्रोपगेंडा मशीनरी का हिस्सा बनने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुआ था. जब मैंने इस एग्ज़ाम को पास किया था पूरी ज़िन्दगी डेस्क रगड़ने के बारे में नहीं सोचा था अगर ये फुज़ूल बहस जारी रही मैं जल्दी इस्तीफ़ा देना पसंद करूँगा.

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उन्होंने लिखा कि जब राज्य अपने ही नागरिकों को मारता है… अपंग बनाता है… तो खुद पर इससे घटिया चोट कोई और नहीं। सरकार लोगों के दर्द से दूर नहीं हो सकती. हमारी कोशिश हालात संभालना है. पोस्ट में शाह लिखते हैं कि इसमें समय लगेगा. तब तक हमें उनसे दूर रहना होगा, जो सिर्फ टीआरपी के लिए कश्मीर में आग लगाना चाहते हैं. आइए हम उनके लिए प्रार्थना करें, जिन्होंने कश्मीर में जान गंवाई और आंखों की रोशनी खोई.


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