नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए दो स्टूडेंट्स उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने पूछताछ के दौरान पुलिस को उलझा दिया है। मंगलवार को आधी रात के करीब इन दोनों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है।

 उमर खालिद (फाइल फोटो)पूछताछ के दौरान इन जेएनयू के इन दोनों स्टूडेंट्स ने सवालों के जवाब ‘सबअल्टर्न स्टडीज’ और दक्षिण एशिया में विकास की अवधारणा की व्याख्या करते हुए दिए। आरोपी छात्रों की व्याख्या ने पुलिस को चकरा दिया। एक इंस्पेक्टर और दो सब इंस्पेक्टर की टीम इनका जवाब समझ ही नहीं पाई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक उमर खालिद ने अधिकतर सवालों के अस्पष्ट जवाब दिए, जबकि अपेक्षाकृत शांति दिख रहे भट्टाचार्य ने पूछे गए सवालों में से कुछ के ही जवाब दिए। दोनों पर आतंकी अफजल गुरु के पक्ष में कैंपस के अंदर कार्यक्रम आयोजित करवाने और देश विरोधी नारा लगाने का आरोप है।

पुलिस ने जब उनके इस तरह के कार्यक्रमों के उद्देश्य के बारे में पूछा तो जेएनयू के ये आरोपी छात्र लोक इतिहास, वर्ग संघर्ष और लोगों के दृष्टिकोण से किसी मसले को देखे जाने के बारे में बताने लगे। पुलिस ने 9 फरवरी को कैंपस में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में दोनों आरोपियों के सहयोगियों के अलावा उनकी भूमिका के बारे में भी पूछताछ की।

खालिद ने बताया कि इस कार्यक्रम का खाका उन्होंने जेएनयू की पूर्व स्टूडेंट के साथ मिलकर तैयार किया था। इसके लिए उन्होंने डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (डीएसयू) के सदस्यों के साथ इसपर कई बैठकें भी की। हालांकि खालिद ने विवादित नारा लगाने से इनकार कर दिया।

भट्टाचार्य ने बताया कि उन्हें इस इवेंट के बारे में प्रचार करने की जिम्मेदारी मिली थी। इवेंट के लिए फंड जुटाने के सवाल पर दोनों ने कहा कि खुद से इसकी व्यवस्था की गई थी। खालिद ने बताया कि कैंपस में हर साल अफजल गुरु पर कार्यक्रम होता है। पुलिस अब दोनों आरोपी छात्रों और छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया से साथ में पूछताछ करने की तैयारी में है।


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