हैदराबादतेलंगाना में सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) चुनाव में 100 अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर शुक्रवार को इतिहास रच दिया। निगम में कुल 150 सीटें हैं। टीआरएस की लहर में जहां मुख्य विपक्षी कांग्रेस साफ हो गई, वहीं तेलुगू देशम पार्टी-भारतीय जनता पार्टी (तेदेपा-भाजपा) गठबंधन भी इकाई में सिमट कर रह गया।

रात नौ बजे तक के परिणाम के अनुसार, टीआरएस ने 100 सीटें जीत ली थी और दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि टीआरएस का अपना पार्षद मेयर बनेगा। इसके पहले 2009 के चुनाव में टीआरएस ने हिस्सा नहीं लिया था।

हैदराबाद नगर निगम चुनाव में BJP पर भारी पड़ी ओवैसी की पार्टी!
सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के चुनाव में भारी जीत की ओर बढ़ रही है। जबकि बीजेपी पर औवेसी की एमआईएस भारी पड़ी है।

टीआरएस का यह एक उल्लेखनीय प्रदर्शन है, जिसने हैदराबाद में अपनी प्रासंगिकता साबित कर दिया है। हैदराबाद इस समय तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी है।

टीआएस ने पृथक तेलंगाना राज्य के आंदोलन का नेतृत्व किया था, और अलग राज्य बनने के बाद हुए प्रथम चुनाव में उसने जीत दर्ज कराकर राज्य में पहली सरकार बनाई है। लेकिन पार्टी जीएचएमसी के दायरे में आने वाली 24 विधानसभा सीटों में से मात्र दो पर जीत दर्ज करा पाई थी।

मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने हैदराबाद के पुराने शहर का अपना गढ़ बचा लिया है। एमआईएम ने 41 सीटों पर जीत दर्ज कराई है। लेकिन टीआरएस की भारी जीत के कारण एमआईएम किंगमेकर की भूमिका में नहीं रह गई है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीन सीटें जीती है और उसकी सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) मात्र एक सीट जीत पाई है। तेलंगाना में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी मात्र दो सीटों पर सिमट गई है।

मंगलवार को हुए मतदान के लिए मतगणना अपराह्न् तीन बजे शुरू हुई, लेकिन परिणामों और रुझानों की घोषणा अपराह्न् पांच बजे के बाद हुई, जब एक सीट पर पुनर्मतदान संपन्न हो गया।

149 सीटों के लिए हुए मतदान के लिए मतगणना हैदराबाद और सिकंदराबाद में 24 स्थानों पर शुरू हुई। मंगलवार को 150 सीटों पर हुए मतदान में कुल 45.27 प्रतिशत वोट पड़े थे।  जीएचएमसी के अनुसार, कुल 74,23,980 मतदाताओं में से 33,60,543 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

पुराने शहर के पुरानापुल सीट पर मतदान के दौरान गड़बड़ी और हिंसक घटनाओं की शिकायत के बाद वहां दोबारा मतदान के आदेश दिए गए थे। कुल 1,333 उम्मीदवार मैदान में थे। टीआरएस ने सभी 150 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे, जबकि कांग्रेस ने 149 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। तेदेपा ने 90 उम्मीदवार खड़े किए थे और भाजपा 60 उम्मीदवार उतारे थे। एमआईएम ने 63 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे।

पृथक तेलंगाना राज्य बनने के बाद जीएचएमसी का यह पहला चुनाव था। इसके पहले जीएचएमसी में टीआरएस का कोई प्रतिनिधि नहीं था। जबकि कांग्रेस और एमआईएम 2009 के चुनाव में जीत के बाद संयुक्त रूप से निगम में सत्ता में थे।प्रथम जीएचएमसी में कांग्रेस के पास 52 सीटें और एमआईएम के पास 43, तेदेपा के पास 45 और भाजपा के पास पांच सीटें थीं।


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