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केंद्र सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक के विरोध में हलफनामा दाखिल करने को लेकर दारुल उलूम देवबंद ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखलअंदाजी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

दारुल उलूम देवबंद से जारी बयान में कहा गया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ भारतीय संविधान में दी गई मजहबी आजादी के अनुसार ही है. इसमें किसी तरह की तब्दीली नहीं की जा सकती. मौलाना मोहम्मद सालिम कासमी ने इस बारें में कहा कि कुरान, हदीस और शरीयत पर किसी किस्म की बहस कबूल नहीं की जाएगी.

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उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक के विरोध में हलफनामा दाखिल करने को केंद्र सरकार का धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप और मुस्लिमों के हकों पर हमला बताया साथ हो उन्होंने कहा यह हिन्दुस्तानी रिवायात के खिलाफ है.

इसके अलावा मुफ्ती अरशद फारूकी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में तब्दीली बर्दाश्त नहीं होगी. इसके लिए चाहे आंदोलन ही क्यों न करना पड़ें.


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