नई दिल्ली | 1 जुलाई से पुरे देश में एकीकृत टैक्स व्यवस्था जीएसटी लागू कर दिया गया. इसको लागु हुए करीब दो हफ्तों से ज्यादा हो चूका है लेकिन अभी भी कारोबारियों के मन में काफी संसय बना हुआ है. कुछ कारोबारी ऐसे है जो अभी तक इस नयी व्यवस्था को पूरी तरह समझ नही पाए है तो कुछ ऐसे है जिनको जीएसटी पोर्टल पर भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

दरअसल कई कारोबारियों ने शिकायत की है की जीएसटी पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद उनके अकाउंट की जगह किसी और का अकाउंट खुल रहा है. यह एक चिंतनीय विषय है क्योकि मोदी सरकार ने जीएसटी लागु करने से पहले दावा किया था की कोई भी व्यापारी किसी दूरे अकाउंट की जानकारी को नही देख पायेगा. सरकार ने भरोसा दिलाया था की हर व्यापारी का डाटा सुरक्षित रहेगा.

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लेकिन इन शिकायतों के बाद मोदी सरकार के दावों की पोल खुलती दिख रही है. कुछ व्यापारियों का कहना है की जब वो अपनी अकाउंट डिटेल के साथ जीएसटी पोर्टल पर लॉग इन कर रहे है तो किसी और की अकाउंट डिटेल दिख रही है. इससे व्यापरियों के मन में अपने डाटा की सुरक्षा को लेकर संसय पैदा हो गया है. हालाँकि जीएसटी लागु करने वाली संस्था सीबीईसी ने इसे सीए की गलती करार दिया.

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सीबीईसी का कहना है की चूँकि एक टैक्स प्रक्टिशनर (सीए ) अपने कंप्यूटर पर कई टैक्स पेयर (कारोबारियों) की विंडो एक साथ खोलता है इसलिए ऐसी समस्या आ रही है. शिकायत सामने आने के बाद सीबीईसी की मुंबई डिवीज़न ने एक सर्कुलर भी जारी किया. इसमें सीए से एक समय में एक ही कारोबारी की विंडो खोलने के लिए कहा गया है. हालाँकि सीबीईसी के सर्कुलर जारी करने के बाद भी कारोबारियों के मन में उत्पन आशंका खत्म नही हो रही है.

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