bur

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक को ख़त्म करने और समान नागरिक संहिता को मुसलामनों पर थोपने को लेकर देश के मुसलमान एक होता नजर आ रहा हैं. कॉमन सिविल कोड और तीन तलाक के मुद्दे पर दोनों फिरकों के उलेमाओं ने मौके की नजाकत को देखते हुए एक मंच पर आने का फैसला किया हैं.

देशभर में इन दोनों मुद्दों पर विरोध करने के लिए 13 नवंबर का दिन निर्धारित किया गया हैं. इसी दिन अजमेर शरीफ और कानपुर से एक साथ इन मुद्दों को लेकर अधिवेशन बुलाया जायेगा. अजमेर शरीफ में अधिवेशन मौलाना सैयद असद मदनी संभालेंगे जबकि कानपुर में इस अधिवेशन की कमान मौलाना सैयद अरशद मदनी के पास होगी. वहीँ दरगाह अजमेर शरीफ के सज्जादानशीन दीवान सैयद जैनुल आबदीन अजमेर शरीफ में मेहमानों का इस्तकबाल करेंगे.

और पढ़े -   भारतीय अर्थव्यवस्था को नोटबंदी से अब तक का हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

इसके अलावा इस अधिवेशन को कामयाब बनाने के लिए देवबंद से अजमेर शरीफ के लिए एक विशेष ट्रेन ख्वाजा गरीब नवाज एक्सप्रेस भी चलेगी. साथ ही कानपुर से भी 50 बसें अजमेर शरीफ ले जाने की रणनीति भी तय की गई है. इसके अलावा निम्नलिखित तारीखों पर जनसभाएं भी आयोजित होंगी.

– 07-08 नवंबर मुरादाबाद

– 12 नवंबर सुल्तानपुर

– 13 नवंबर कानपुर

और पढ़े -   एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद भी नहीं रहे विवादों से अछूते, कुमार विश्वास ने भी उठाये सवाल

– 19-20 नवंबर देवबंद


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE