WhatsApp-Image-20160715

भारत की सुन्नी सूफी मुस्लिम संस्था सदा-ए-सूफिया-ए-हिन्द ने शुक्रवार बाद नमाज़-ए-जुमा हलीम मुस्लिम इण्टर चौराहे, कानपुर में, मदीने पाक में मस्जिद-ए-अल-नबवी के करीब हुए आत्मघाती हमले का पुर-अमन विरोध प्रदर्शन किया।

कानपुर में किये गए इस विरोध प्रदर्शन में कानपुर शहर सहित प्रदेश के कई जिलों से उल्मा-ए-इकराम ने शिरकत की. जुमे की नमाज़ अदा करने के बाद तेज़ बारिश के बावजूद लोगो का हुजूम उमड़ पड़ा, हज़ारो लोगो ने वहाबियत मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अपनी-अपनी हाज़री को मोहम्मद सलल्लाहो अलेह वसलल्लम की बारगाह में दर्ज किया.

मदीना मुनव्वरा जो कि इस्लामिक ऐतबार से दुनिया के सबसे पवित्र स्थान में से हैं और अमन का प्रतीक हैं। यह विरोध प्रदर्शन कर भारत के मुस्लमानो ने हिजाज़ (मक्का मुअज़्ज़मा और मदीना शरीफ) को सऊदी वहाबी/सल्फी तानाशाही से आज़ाद करने हेतु मांग की।

हलीम चौराहे पर शुक्रवार को जुमे की नमाज़ अदा करने के बाद मदीने शरीफ में आत्मघाती हमले के विरोध में निकाली गयी इस रैली में शिरकत करने आये वक्ताओं ने कहा मुस्लिम राज्यों इस्लामिक धरोहरों को गिराने तथा विश्व में में अशांति फैलाने का कार्य वहाबी/सल्फी विचारधारा के दुवारा संचालित किया जा रहा है। इस खतरनाक विचारधारा का प्रचार-प्रसार अवैधानिक रूप से राजनीतिक एवं प्रशासनिक सहायता प्राप्त कर भारत में भी फैलाने की भरपूर कोशिश हो रही है।

Screenshot_9

इस विरोध प्रदर्शन में मौजूद वक्ताओं ने अपने भाव स्पष्ट कर बताया कि यदि इस कट्टरपंथी विचारधारा को भारत में फैलने से नहीं रोक गया तो वो दिन दूर नहीं जब भारत में भी सीरिया और बांग्लादेश जैसी घटनाओं की पुर्नावृत्ति हो सकती हैं। अतः इस विचारधारा को रोकने हेतु सकरात्मक कदम उठाने की सख्त ज़रुरत हैं।

Screenshot_6
Sayed Babar Ashraf

सदा-ए-सूफिया-ए-हिन्द के संस्थापक और अध्य्क्ष सय्यद बाबर अशरफ ने कहा कि हिजाज़ में स्थित पवित्र स्थान जैसे मक्का मुअज़्ज़मा, मदीना शरीफ और जन्नतुल बक़ी किसी भी समूह और सरकार की जागीर नहीं हैं, बल्कि यह सभी मुस्लमानो की आस्था का केंद्र एवं शांति का प्रतीक हैं । उन्होंने कहा कि सऊदी अरब भारत सहित पूरे विश्व में वहाबी/सलफ़ी विचारधारा को वित्तीय मदद प्रदान कर रहा है जो मानवता  एवं शान्ति के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है ।

रैली में शामिल हुए वक्ताओं ने बताया कि इस वहाबी विचारधारा ने पूरे विश्व में कई इस्लामिक धरोहरों को विंध्वस करने के साथ साथ लाखों बेगुनाह लोगों कि ज़िन्दगी का खात्मा किया है जो कि इस बात का पुख्ता सबूत है कि सऊदी पोषित वहाबी/सलफ़ी विचारधारा पूरी दुनिया में विनाश फैला रही है ।

Screenshot_8

वही रैली में शिरकत करने पहुंचे अकबरपुर के शहर क़ाज़ी मुफ़्ती ओवैस रज़वी ने कहाकि मदीना शरीफ में हुए आत्मघाती हमला और पूरे विश्व में नरसंहार का पर ज़ोर विरोध होना बहुत ज़रूरी है  उन्होंने कहा कि भारत में वहाबी/सलफ़ी विचारधारा से बचने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जायेगा जिससे हमारे प्यारे वतन हिन्दुस्तान में कट्टरवाद पर अंकुश लगाया जा सके।

इस विरोध प्रदर्शन के बाद, देश के राष्ट्रपति, प्रणभ मुखर्जी, प्रधान मंत्री, नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्य्मंत्री अखिलेश यादव, UNESCO , OIC और दुसरे सरकारी संस्थानों को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमे इस बात की मांग की गयी कि भारत में इस सउदी पोषित विचारधारा को आने सेरोका जाये। और सभी वक्ताओं ने भारत में अमन और शांति का पैग़ाम देते हुए इस विरोध प्रदर्शन का समापन किया।

Web-Title:Protest in Kanpur against Madina Attack

Key-Words: Madina, Kanpur, Babar Ashraf, Wahabi, Salafi, Ideology


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें