संभल | पिछले कुछ महीनो से तीन तलाक को लेकर खूब बहस हो रही है. केंद्र सरकार और बीजेपी जहाँ इसके विरोध में सुर बुलंद कर रहे है, वही मुस्लिम पर्सनल बोर्ड , तीन तलाक पर किसी भी तरह की बंदिश को शरियत कानून में दखलंदाजी करार दे रहा है. इन सबके बीच मुस्लिमो की एक बिरादरी ने बड़ी पहल करते हुए खुद ही तीन तलाक पर रोक लगाने का फैसला किया है.

संभल के पास करीब 55 गाँव में फैली मुस्लिमो की ‘तुर्क’ बिरादरी ने गुरुवार को एक पंचायत कर तीन तलाक पर रोक लगाने का एलान कर दिया. इस पंचायत में यह भी फैसला हुआ की अगर कोई शौहर अपनी पत्नी को एक साथ तीन तलाक देता है तो इसके लिए शौहर को जिम्मेदार ठहराया जायेगा. इससे पहले इसी बिरादरी ने पचांयत कर गौहत्या पर रोक लगाने का फरमान जारी किया था.

गुरुवार को तीन तलाक के मुद्दे पर तुर्क बिरादरी की पंचायत हुई. करीब 50 हजार की आबादी वाले ‘तुर्क’ की इस पंचायत में काफी बड़ी संख्या में लोगो ने हिस्सा लिया. पंचायत की अध्यक्षता असरार अहमद ने की. पंचायत के फैसलों के बारे में बताते हुए असरार ने कहा की हमने एक साथ तीन तलाक देने पर रोक लगा दी है. घरेलु झगडे में तीन तलाक की प्रथा को खत्म करने का फैसला किया गया है.

इसके अलावा यह भी तय किया गया की अगर किसी शख्स का अपनी पत्नी के साथ कोई विवाद है तो वह उसे पंचायत के सामने रखे. जरुरत पड़ने पर एक तलाक दिया जा सकता है. इसके बाद पत्नी को एक महीने का वक्त दिया जाए. पंचायत दोनों के बीच के विवाद खत्म करने का प्रयास करेगी. पंचायत के फैसले के बाद अगर कोई शख्स एक साथ तीन तलाक देता है तो इसमें सारी गलती शौहर की मानी जाएगी.

असरार ने आगे बताया की इसके बाद पंचायत के पास उस शख्स को सजा देने का भी अधिकार होगा. तीन तलाक से पहले तुर्क बिरादरी गौहत्या पर भी रोक लगा चुकी है. इससे पहले उन्होंने शादियों में होने वाली फिजूलखर्जी, दहेज और नेग के लेन-देन पर भी रोक लगाई थी.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE