चेन्नई | 1 जुलाई से पुरे देश में जीएसटी लागु कर दिया गया. 17 सालो के इन्तजार के बाद पुरे देश में एक कर व्यवस्था लागू हो गयी. इस व्यवस्था के लागु होने के बाद देश के सभी राज्यों में कर दर एक समान हो गयी. लेकिन देश में अभी भी काफी लोग इस व्यवस्था का विरोध कर रहे है. कपडा व्यापारियों से लेकर ट्रेक्टर पार्ट्स बनाने वाले व्यापारी जीएसटी को वापिस लेने की मांग को लेकर कई दिन से प्रदर्शन कर रहे है.

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अब इसी क्रम में तमिलनाडु के सिनेमा मालिको का नाम भी जुड़ गया. दरअसल सरकार ने 100 रूपए से ऊपर के सभी टिकटों को 28 फीसदी के टैक्स स्लैब में रखा है. जबकि 100 रूपए से कम वाले टिकेट, 18 फीसदी टैक्स के दायरे में आ गए. हालाँकि जीएसटी के लागु होने के बाद देश के कई राज्यों में सिनेमा टिकटों के दामो में कमी आई है लेकिन तमिलनाडु में दाम बढ़ गए है. जिसका वहां के सिनेमा मालिक विरोध कर रहे है.

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जीएसटी लागु होने से पहले देश के काफी राज्यों में सिनेमा टिकटों पर 50 से 60 फीसदी के बीच कर लगता था , जबकि तमिलनाडु में यह दर 15 फीसदी थी. इसलिए जीएसटी लागु होने के बाद तमिलनाडु में टिकेट के दाम बढ़ना लाजिमी है. इसलिए वहां के सिनेमा मालिको ने 3 जुलाई के सभी शो को कैंसिल कर दिया और मंगलवार से सभी सिनेमा मालिक हड़ताल पर चले गए.

इस हड़ताल को मशहूर अभिनेता कमल हसन का भी समर्थन प्राप्त है. वो पहले भी जीएसटी के खिलाफ मुखर होकर अपना विरोध जता चुके है. उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा था की अगर सिनेमा टिकेट से जीएसटी को वापिस नही लिया गया तो वो फिल्मो में काम करना बंद कर देंगे. अब सिनेमा मालिको की हड़ताल पर कमल हसन ने पत्रकारो से बात करते हुए कहा की पूरी फिल्म इंडस्ट्री धीरे धीरे साथ आ रही है और बहुत जल्द यह एक बड़ी आवाज बनेगी.

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