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भूमाता ब्रिगेड की एक्टिविस्ट्स के साथ गुरुवार सुबह 6 बजे वुमन राइट्स एक्टिविस्ट तृप्ति देसाई ने मुंबई की हाजी अली दरगाह में जियारत की। दरगाह में जियारत के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने महिलाओं के लिए दरवाज़े खोलने की दुआ मांगी है। हालांकि वह मज़ार समेत उन जगहों पर नहीं गईं जहां जाने की हाजी अली ट्रस्ट ने इजाज़त नहीं दी है। उन्हें दरगाह के अंदरूनी हिस्से से पहले ही रोक दिया गया। लिहाजा, उन्होंने भी अंदर जाने की कोशिश नहीं की।

इससे पहले 28 अप्रैल को तृप्ति देसाई ने हाजी अली दरगाह में जाने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें रोक दिया गया था।उन्होंने कहा, ”मैं दरगाह के अंदरूनी हिस्से तक अगली बार जरूर जाऊंगी। यह महिलाओं के लिए बराबरी के हक की लड़ाई है।”

उन्होंने कहा कि उम्मीद करती हूं कि किसी दिन दरगाह के अंदरूनी हिस्से तक भी महिलाओं काे एंट्री की इजाजत मिलेगी। तृप्ति का दावा है कि 2011 से पहले इस दरगाह में महिलाओं को प्रवेश की इजाजत होती थी।


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