रोहिंग्या मुस्लिमों के कत्लेआम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी साथ ही उनकी और से म्यांमार सरकार को दिए समर्थन पर प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने उंगली उठाई है.

हबीब ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया की और से रोहिंग्या मुस्लिमों को समर्थन है, साथ ही म्यांमार की तीखी आलोचना हो रही है. ऐसे में प्रधानमंत्री म्यांमार सरकार को सपोर्ट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी जी को ऐसा नहीं करना चाहिए.

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इसी के साथ रोहिंग्या मुस्लिमों के मामले में दलाई लामा को घसीटे जाने पर उन्होंने आपत्ति जाहिर की. उन्होंने कहा, रोहिंग्या मुसलमानों के मामले में दलाई लामा को घसीटना उचित नहीं है.

दरअसल, हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने ऐतिहासिक मौलाना आजाद लाइब्रेरी में स्थित दलाई लामा हॉल का नाम बदलने की मांग की.

हबीब ने कहा कि दलाई लामा पहले ही अपील कर चुके है कि रोहिंग्या मुसलमानों की रक्षा की जाए. जहां तक याद है म्यांमार में जो कुछ भी चल रहा है, उसके विरुद्ध दलाई लामा ने बयान भी दिया था.

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उन्होंने कहा रोहिंग्या में हिंदू एवं मुस्लिम दोनो हैं. बुद्धिस्ट कुछ भी करें, इसके लिए दलाई लामा को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. दलाई लामा बौद्ध धर्म के महायान शाखा के हैं, जबकि विरोध करने वाले बौद्ध धर्म के थेरवाद से जुड़े हैं.


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