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देश के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की रामेश्वरम में एक प्रतिमा के अनावरण को मुस्लिम धर्मगुरूओं ने गैर इस्लामी बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में अधिकतर मुस्लिमों ने हिस्सा नहीं लिया.

कलाम की पहली पुण्यतिथि पर बुधवार को केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और मनोहर पर्रिकर ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में उनके राष्ट्रीय स्मारक का शिलान्यास किया.   रामनाथपुरम जिला जमातुला उलेमा काउंसिल के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति का वे काफी सम्मान करते हैं लेकिन उन्होंने कहा कि दिवंगत व्यक्ति की प्रतिमा गैर इस्लामी है और इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ है.

एक बयान में काउंसिल प्रमुख हबीबुल्ला हजरत और सचिव अब्दुर रहमान ने कहा, ‘‘प्रतिमा लगाए जाने की हम सख्त निंदा करते हैं.’’ हालांकि उलेमाओं ने कहा कि उन्होंने सिर्फ मौखिक ऐतराज जताया है और कार्यक्रम के खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं करना चाहते हैं.


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