जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स (वस्तु एवं सेवा कर) 30 जून की मध्यरात्रि से देश भर (जम्मू-कश्मीर को छोड़कर) में लागू हो चुका है. इसके तहत 20 लाख तक का व्यापार करने वालों को जीएसटी से मुक्ति मिलेगी.

इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सेंट्रल हाल में अपने संबोधन में कहा ”मुझे भरोसा था कि जीएसटी आखिरकार लागू होगा. यह ऐतिहासिक क्षण चौदह वर्ष की उस लंबी यात्रा की समाप्ति है जो दिसंबर 2002 में शुरू हुई थी.” उन्होंने कहा, ”एक्सपोर्ट होने वाले सामानों पर टैक्स का बोझ कम होगा, जीएसटी से हमारे एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा. जीएसटी के लिए तकनीक इंस्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना बड़ी बात है.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, ”केंद्र और राज्य सरकारों ने आपसी सहमति से काम किया. जीएसटी काउंसिल ने अपना काम अच्छी तरह किया. सबने संकुचित मतभेद मिटाकर देशहित में काम किया.” उन्होंने कहा कि वर्ष 2006-07 के आम बजट में जीएसटी का प्रस्ताव किया गया था.

वहीँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ”जीएसटी सिर्फ एक टैक्स सुधार नहीं है, ये आर्थिक सुधार से आगे ईमानदारी दिशा में आगे ले जाने वाला सुधार है. कानून भले ही इसे गुड्स एंड सर्विस टैक्स कहता हो लेकिन मैं इसे ‘गुड और सिंपल’ टैक्स मानता हूं.”

उन्होंने कहा, ”देश के सभी राज्यों को विकास के समान अवसर प्राप्त होना भी विकास है. आजादी के 70 साल हो रहे हैं, हम नए इंडिया का सपना लेकर चल रहे हैं. जीएसटी इसमें अहम भूमिका निभाएगा.” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”जो लोग आशंकाएं करते हैं मैं उनसे कहूंगा ऐसा ना करें. जब आप अपने डॉक्टर से नंबर लेकर नया चश्मा बनवाते हैं तब भी कुछ दिन आंखों को दिक्कत होती है. जीएसटी से होने वाली परेशानी भी ऐसी ही होगी. अफवाहों का बाजार बंद करें.”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”नई व्यवस्था में 20 लाख तक के कारोबारियों को पूरी तरह छूट है और 75 लाख तक के कारोबार पर भी मामूली टैक्स लगेगा. देश के गरीबों के हित के लिए यह व्यवस्था सबसे ज्यादा कारगर होगी. इससे ईमानदारी व्यापरियों की परेशानी खत्म होगी.”


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE