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हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षा बलों के हाथों हुई मौत के बाद कश्मीर घाटी में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के दौरान सीआरपीएफ द्वारा पेलेट गन के असंगत इस्तेमाल पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि वह इस ‘सबसे कम घातक’ हथियार का उपयोग फिलहाल ‘चरम’ स्थिति में ही किया जाएगा.

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक के. दुर्गा प्रसाद ने कहा कि ‘गैर-घातक’ नाम का कोई हथियार नहीं है और कश्मीर घाटी में भीड़ नियंत्रित करने के लिए अकसर इस्तेमाल की गई पेलेट गन, इस बल के पास उपलब्ध ‘सबसे कम घातक’ विकल्प है.

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उन्होंने घायलों के प्रति दुःख व्यक्त करते हुए कहा ‘हमें उनके लिए बहुत दुख है क्योंकि पेलेट गन चलाए जाने से युवाओं को चोटें आई हैं. हम खुद इसे कम से कम चलाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कम चोट लगे. लेकिन हम चरम स्थिति में तभी उनका इस्तेमाल करते हैं जब अन्य माध्यमों से भीड़ नियंत्रित नहीं होती.

गौरतलब रहें कि CRPF द्वारा चलाई गई कुल 2,102 गोलियां (पेलेट गन) से कुल 317 लोग घायल हुए और उनमें से 50 प्रतिशत लोगों की आंखों में जाकर इस गोली के छर्रे लगे हैं. इनमें से कई लोगों की आंख की रोशनी भी जा चुकी है.

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