पिछले 20 सालों नक्सलियों ने 12,000 लोगों को अपनी हिंसा का शिकार बनाया है. इसमें 2700 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए.

गृह मंत्रालय के आकड़ों के अनुसार, 9,300 लोगों की पुलिस की और से क्रॉसफायर में मौत हुई. साथ ही इसी में मुखबिरी करने की शक में की गई हत्या भी शामिल है.हालाँकि दावा गया कि मई 2014 से अप्रैल 2017 के बीच नक्सलियों की हिंसा में 25 प्रतिशत की कमी आई है. जबकि सुरक्षा बलों को होने वाले नुकसान में भी 42 प्रतिशत की कमी देखी गई है.

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गृह मंत्रालय के आकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में 90 प्रतिशत नक्सली 35 जिलों में सक्रिय हैं. हालाकि, 10 राज्यों के 68 जिले नक्सल प्रभावित है.

हालांकि 2010 के बाद 24 अप्रैल को सीआरपीएफ दल पर बड़ा नक्सली हमला हुआ. जिसमें 25 जवान शहीद हो गए थे. यह अप्रैल 2010 में दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले के बाद सबसे बड़ी घटना थी.

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