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हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा के चलते अमन बहाली के लिए गए अॉल पार्टी डेलिगेशन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी रिपोर्ट सोंप दी हैं. इस रिपोर्ट में घाटी में हालात बिगड़ने के लिए जम्मू कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार को जिम्मेदार बताया है.

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य की महबूबा मुफ्ती सरकार वहां के हालात से प्रभावी ढंग से निपटने में असफल रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के नेताओं द्वारा भ्रामक बयान दिए गए, जिसने हालात को और खराब किया. प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि दक्षिण कश्मीर के ग्रामीण इलाके में ज्यादा असंतोष है और कहा कि सड़कों पर उतर कर विधि व्यवस्था के लिए समस्या पैदा करने वाले लोगों को काबू करना महत्वपूर्ण है.

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उन्होंने आगे कहा कि घाटी में सामान्य जनजीवन स्थापित करने के लिए कर्फ्यू हटाने और स्कूलों को दोबारा खोलने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि आम लोगों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए. विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों के लिए राहत पैकेज की मांग की गई. साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और अत्यधिक बल प्रयोग पर रोक लगनी चाहिए.

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सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर समस्या का स्थाई समाधान निकालने के लिए राष्ट्रीय संप्रभुता के साथ कोई समझौता किये बिना हुर्रियत समेत सभी पक्षों से बातचीत शुरू करने की केंद्र और राज्य सरकार से अपील भी की है.


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