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केंद्र सरकार ने एनजीओ पर सख्त रुख अपनाते हुए 11000 से अधिक एनजीओ की मान्‍यता रद्द कर दी हैं. इन  एनजीओ की मान्‍यता अपने पंजीकरण का नवीकरण नहीं कराने पर की हैं. इसके अलावा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कथित रूप से संलिप्त पाये जाने के बाद 25 एनजीओ को एफसीआरए पंजीकरण से वंचित कर दिया है.

गृह मंत्रालय ने कहा कि दस्तावेज नहीं सौंपने या अधूरे दस्तावेज देने या निर्धारित समय के अंदर अन्य तरह की सांविधिक जरूरतें नहीं पूरी करने के कारण 1736 मामलों में एफसीआरए लाइसेंस नवीकरण के आवेदन बंद कर दिये गये हैं.

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मंत्रालय को कुल 16,491 आवेदन एफसीआरए पंजीकरण के नवीकरण के वास्ते मिले थे जिनमें से 14739 का नवीकरण मंजूर किया गया.

वर्ष 2015 में गृह मंत्रालय ने 10,000 गैर सरकारी संगठनों के एफसीआरए पंजीकरण इसलिए रद्द किए थे क्योंकि इन्होंने लगातार तीन वर्षों के अपने सालाना रिटर्न दाखिल नहीं किए थे. इनमें से कई एनजीओ निष्क्रिय थे या किसी भी मामले में एफसीआरए पंजीकरण नहीं चाहते थे.

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