pellet

केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कश्मीर में भीड़ से निपटने के लिए  पैलेट गन के स्थान पर मिर्ची बम को मंजूरी दे दी. अब प्रदर्शनकारियों पर अब पैलेट गन के बजाय मिर्ची पाउडर भले पावा गोले का इस्तेमाल किया जाएगा.

पैलेट गन के इस्तेमाल का काफी विरोध होने के बाद गृह मंत्रालय ने एक कमेटी का गठन किया, जिसे पैलेट गन के विकल्प की तालाश का काम सौंपा गया. कमेटी ने पावा इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था, जिस पर अब राजनाथ सिंह ने भी मुहर लगा दी है.

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पैलेट गन के बजाय अब नोनिवेमाइड यानी पेलार्गोनिक एसिड वेनाइल एमाइड (पावा) का इस्तेमाल किया जाएगा. पावा शेल मिर्ची के गोले हैं, जिससे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता. मिर्च आधारित यह कम घातक हथियार निशाने को अस्थाई रूप से अक्षम बना देता है.

‘पावा’ का पूरा नाम ‘पेलऑर्गेनिक एसिड वैनिलिल एमिदे’ है और इसे नोनिवामिदे के नाम से भी जाना जाता है. यह एक ऑर्गेनिक यौगिक है, जो प्राकृतिक रूप से मिर्च में पाया जाता है. यह फैसला उस समय आया है जब एक दिन बाद ही सभी पार्टियों के डेलिगेशन के साथ राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर दौरे पर जाने वाले हैं. रविवार तक तकरीबन 1000 गोले पहुंच जाएंगे.

हालांकि पैलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, विशेष परिस्थितियों में सुरक्षाबल अब भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे.


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